-हेल्पडेस्क के कर्मचारी आवेदक का प्रार्थना पत्र लेकर करेंगे जमीन की पड़ताल
गाजियाबाद। जनपद में जमीनों को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन अब जल्द ही नई पहल करने जा रहा है। इसके लिए जमीनों की रजिस्ट्री कराने से पहले अब जमीन के बारे में पड़ताल की जाएगी। खासकर मुख्तारनामे (पावर ऑफ अटॉर्नी) के आधार पर कराई जाने वाली रजिस्ट्री की पहले प्रशासन जांच करेगा। जनपद की तीनों तहसील सदर तहसील, मोदीनगर तहसील व लोनी तहसील में इसके लिए हेल्प डेस्क बनेगी। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि हेल्प डेस्क के जरिए जमीनों की रजिस्ट्री कराए जाने से पहले उसकी पड़ताल की जाएगी। जमीन की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े को लेकर अधिकांश मामलों में शिकायत मिलती हैं।
जिलाधिकारी का कहना है कि जमीन कहीं कि भी हो। अक्सर इनमें शिकायत मिलती है। भू-माफिया सरकारी जमीन को अपनी बताकर लोगों को बेच देते हैं। इसके बाद खरीदारों को रजिस्ट्री कराने से लेकर अन्य काम के लिए दिक्कत होती है। इतना ही नहीं फर्जी तरीके से मुख्तारनामा करके भूमि की रजिस्ट्री करा लेते हैं। ऐसे में भू-माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए जिला प्रशासन अब तहसीलों में नई व्यवस्था करने जा रहा है। इसके लिए सभी तहसील में हेल्पडेस्क बनाई जाएगी। इन हेल्पडेस्क के जरिए कोई भी व्यक्ति जमीन से संबंधित जानकारी ले सकेगा। जमीन सरकारी है या वह किसके नाम पर दर्ज है। इसकी जानकारी हेल्पडेस्क के जरिए पता चल सकेगी। इसके लोगोंं के साथ होने वाली धोखाधड़ी पर अंकुश लग सकेगा।
हेल्पडेस्क ऐसे करेंगी काम:
तहसीलों में शुरू होने वाली हेल्पडेस्क पर जिस भी व्यक्ति को किसी भूमि की रजिस्ट्री करानी होगी। उसके बारे में हेल्पडेस्क पर लिखित में आवेदन करना होगा। हेल्पडेस्क के कर्मचारी आवेदक का प्रार्थना पत्र लेकर जमीन के बारे में पड़ताल करेगा। उसके बाद जमीन की पूरी रिपोर्ट निकाली जाएगी। जमीन का खसरा,खतौनी और किसके नाम दर्ज है। जमीन को कितनी बार बेची गई है। इन सभी बातों की जानकारी जमीन खरीदने वालों को हेल्पडेस्क से मिल सकेगी।















