गाजियाबाद। जिले के ग्रामों की खतौनी में उत्तराधिकारियों के नाम शत-प्रतिशत दर्ज कराने के लिए 30 मई से 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव सुधीर गर्ग ने निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में शत-प्रतिशत दर्ज कराने संबंधी शासनादेश जारी किया है। इसके लिए आगामी 30 मई से 31 जुलाई तक जनपद की तीनों तहसील सदर गाजियाबाद, लोनी व मोदीनगर तहसील क्षेत्र में अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम प्रशासन बिपिन कुमार ने इस संबंध में तीनों तहसील के एसडीएम व तहसीलदार को विशेष अभियान चलाए जाने के संबंध में पत्र जारी किया है।
एडीएम प्रशासन बिपिन कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत 30 मई से 15 जून तक राजस्व, तहसील के अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर राजस्व ग्रामों में प्रचार-प्रसार व खतौनियों को पढ़ा जाना है। लेखपाल द्वारा वरासत के प्रार्थना पत्र प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन भरा जाएगा। जबकि 16 जून से 1 जुलाई तक क्षेत्र के लेखपाल द्वारा वरासत के 29 अक्टूबर 2018 में दी गई व्यवस्था के अनुसार ऑनलाइन जांच की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, 2 जुलाई से 17 जुलाई तक राजस्व निरीक्षकों द्वारा वरासत के मामलों में 29 अक्टूबर 2018 में दी गई व्यवस्था के अनुसार जांच एवं आदेश पारित करने की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षक कार्यालय द्वारा राजस्व निरीक्षक के नामांतरण आदेश को आर-6 में दर्ज करने के पश्चात खतौनी की प्रविष्टियों को भूलेख सॉफ्टवेयर में अधावधिक करना है। 18 जुलाई से 23 जुलाई तक जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार एवं एसडीएम से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा कि उनके क्षेत्र अंतर्गत राजस्व ग्रामों में निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई भी प्रकरण दर्ज होने से अवशेष नहीं हैं।
24 से 31 जुलाई तक इस अभियान के अंत में जिलाधिकारी द्वारा जनपद की प्रत्येक तहसील के 10 प्रतिशत राजस्व ग्रामों को औचक चिन्हित करते हुए उनमें अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी व अन्य जनपद के अधिकारियों द्वारा इस तथ्य की जांच कराई जाएगी। ताकि निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई प्रकरण दर्ज होने से बचा नहीं हैं।एडीएम प्रशासन ने बताया कि 16 जून से 1 जुलाई और 17 जुलाई तक जनपद की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में परिषद की वेबसाइट पर फीड करना एवं राजस्व परिषद द्वारा पाक्षिक रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाएगी। 31 जुलाई को जनपद द्वारा परिषद को भेजी गई निर्धारित प्रारूप पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
जबकि 7 अगस्त को राजस्व परिषद द्वारा संपूर्ण अभियान की प्रगति रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी। एडीएम प्रशासन बिपिन कुमार ने इसके साथ यह भी निर्देश दिए कि उक्त विशेष अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अधीनस्थ कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया के लोगों के साथ बैठक की जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया जाए। एसडीएम और तहसीलदार प्रत्येक राजस्व ग्राम के भ्रमण के लिए कार्यक्रम तैयार कर उपलब्ध कराएंगे। शासन के निर्देश के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रतिदिन की जाने वाली कार्रवाई की अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को अवगत कराएंगे।
















