• जंगलों से शहर तक चला ताबड़तोड़ अभियान, लहन-भट्टियां नष्ट, दुकानों पर टेस्ट परचेजिंग, अवैध कारोबारियों की कमर तोड़ी
उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। जनपद रामपुर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के धंधे के खिलाफ ऐसी निर्णायक कार्रवाई शुरू की है, जिसने माफियाओं की जड़ें हिला दी हैं। जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह की अगुवाई में यह अभियान महज एक औपचारिकता नहीं बल्कि एक संगठित, आक्रामक और सतत मिशन बन चुका है। इस अभियान का उद्देश्य न सिर्फ अवैध शराब के कारोबार को खत्म करना है, बल्कि ग्रामीण जनता को इसके दुष्प्रभाव से पूरी तरह मुक्त करना भी है। शनिवार को आबकारी निरीक्षक नीरज सिंह, संजय कुमार, राम आधार पाल और अनुपम सिंह की संयुक्त टीम ने बिलासपुर क्षेत्र के नसरतनगर का जंगल, चंदेला, मनुनगर, पसियापुरा सहित कई संदिग्ध स्थलों पर योजनाबद्ध दबिश दी। इस कार्रवाई में 70 लीटर अवैध शराब के साथ हजारों लीटर लहन, दर्जनों ड्रम, कोयला, भट्टियां और शराब बनाने के उपकरण जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिए गए।
अब कोई कोताही नहीं चलेगी। यह अभियान न रुकने वाला है, न झुकने वाला। जो भी अवैध शराब के कारोबार में लिप्त मिलेगा, जेल ही उसका अगला पड़ाव होगा। वहीं दूसरी ओर, आबकारी निरीक्षक अरविंद कुमार मिश्रा और नंदिनी यादव की टीम ने शहर के शराब विक्रेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दुकानों पर गुप्त टेस्ट परचेजिंग कराई गई, शराब की बोतलों के स्टॉक, दाम और पॉश मशीन से बिक्री की भी जांच की गई। विक्रेताओं को चेतावनी दी गई कि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनपद के हर कोने में आबकारी विभाग के सख्त तेवरों से शराब माफियाओं और ओवररेटिंग करने वाले विक्रेताओं में हड़कंप है। जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्र में भट्टियां ध्वस्त की जा रही हैं, वहीं शहरी क्षेत्रों में दुकानदारों की नकेल कस दी गई है।
जिले में अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से जड़ से खत्म करने में अधिकारी हिम्मत सिंह की कार्यशैली बेहद आक्रामक और प्रतिबद्धता से परिपूर्ण नजर आई। उन्होंने खुद मोर्चा संभालते हुए न केवल टीमों को दिशा-निर्देश दिए, बल्कि साफ चेतावनी भी दी कि यदि किसी भी निरीक्षक की लापरवाही सामने आई, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। आबकारी विभाग अब केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान, जनसंवाद, पोस्टर व प्रचार माध्यमों से भी लोगों को शराब से दूर रहने और उसकी सूचना देने के लिए प्रेरित कर रहा है। रामपुर में हिम्मत सिंह और उनकी टीम की यह कार्रवाई अब एक मॉडल ऑपरेशन बनती नजर आ रही है। यदि इसी तरह कार्यशैली बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब रामपुर को अवैध शराब मुक्त जिला घोषित किया जा सकेगा।
तीन स्तरों पर अभियान, गांव से लेकर दुकानों तक नकेल कसने की रणनीति
• गांवों में अवैध निर्माण के अड्डों पर धावा – जंगलों व खेतों में छुपी भट्टियां नष्ट कर दी गईं।
• शहर में दुकानों की निगरानी – आबकारी निरीक्षक अरविंद कुमार मिश्रा और नंदिनी यादव की टीम ने रामपुर नगर की विदेशी व देशी शराब दुकानों पर गोपनीय टेस्ट परचेजिंग करवाई।
• ग्राहकों की सुरक्षा और जागरूकता – दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए कि एमआरपी से एक पैसा भी अधिक वसूला तो कार्रवाई तय है।
जनता में भरोसा, माफियाओं में डर
रामपुर की जनता पहली बार आबकारी विभाग को इस सख्ती और निरंतरता से कार्रवाई करते देख रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं और विभाग को सूचना दे रहे हैं। वहीं, शराब माफिया अब या तो फरार हैं या माफीनामा ढूंढ रहे हैं।

जिला आबकारी अधिकारी
रामपुर।
रामपुर में अवैध शराब का कोई स्थान नहीं है। हमारी प्राथमिकता है कि इस गंदे कारोबार को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जाए। हमने अभियान को सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे एक जन-जागरूकता आंदोलन का रूप दे रहे हैं। सभी आबकारी निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। जहां-जहां अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां तत्काल प्रभाव से दबिश दी जाए और पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जाए। प्रत्येक संदिग्ध क्षेत्र पर लगातार निगरानी रखी जाए। लहन, भट्टियां, उपकरण और अवैध शराब के सभी साधनों को मौके पर नष्ट किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि इस अभियान के साथ-साथ व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता फैलाई जाए। लोगों को यह समझाना जरूरी है कि यह अवैध धंधा न केवल गैरकानूनी है बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। अगर किसी निरीक्षक की ओर से लापरवाही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हमें रामपुर को पूर्णत: अवैध शराब मुक्त बनाना है – यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, हमारी जिम्मेदारी है।
हिम्मत सिंह
जिला आबकारी अधिकारी
रामपुर।



















