आंधी-तूफान में मृतकों के परिजनों से मिले प्रभारी मंत्री असीम अरुण, सरकार ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत कार्यों में तेजी, पीडि़तों को मिलेगा पूर्ण सहयोग एवं मुआवजा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 21 मई को आई भीषण आंधी-तूफान ने गाजियाबाद सहित पूरे प्रदेश में कहर बरपाया। इस आपदा में जो परिवार अपना आशियाना और अपने सदस्य खो बैठे, उनकी तकलीफ को समझते हुए शनिवार को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं गाजियाबाद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने पीडि़त परिवारों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री असीम अरुण ने अपने दौरे की शुरुआत मधुबन स्थित बापूधाम से की, जहां उन्होंने पेड़ गिरने से मृतक मुजम्मिल पुत्र उस्मान के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उनकी पीड़ा साझा की और कहा कि राज्य सरकार इस दु:ख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। इसके बाद वे ग्राम खोडा पहुंचे, जहां दीवार गिरने से हुई भानु देवी की मौत का दु:ख व्यक्त करते हुए उन्होंने मृतक के परिजनों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर गाजियाबाद विधायक अजीत पाल त्यागी, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, रजापुर ब्लॉक प्रमुख राहुल चौधरी डैनी, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। विधायक अजीत पाल त्यागी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पीडि़त परिवारों की हरसंभव मदद करना है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल ने भी भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता की जनता के प्रति सेवा भावना और तत्परता को दोहराया। मंत्री असीम अरुण ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राहत एवं मुआवजा वितरण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ शीघ्रता से पूरी की जाए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि दिवंगत परिवारों के बच्चों को शिक्षा, भत्ता और विधवा पेंशन जैसी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे किसी भी तरह की आर्थिक कठिनाई का सामना न करें।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार हर आपदा में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहती है। राज्य सरकार की यह संवेदनशीलता आपदा पीडि़तों के प्रति समर्पित नीतियों और कार्यक्रमों के माध्यम से स्पष्ट होती है। आपदा राहत कार्यों में तेजी लाने और पीडि़तों के पुनर्वास के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियां एवं विभाग 24 घंटे सक्रिय हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष टीमों को तैनात कर राहत कार्यों का समन्वय सुनिश्चित किया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, आवासीय पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा के अन्य उपाय उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश सरकार ने इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारियों को भी प्राथमिकता दी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।