नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में एक और बड़ी उपलब्धि गाजियाबाद नगर निगम के नाम दर्ज हुआ। बजट प्रस्ताव पास होने पर सभी कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई देते हुए मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि आगामी वर्ष में शहर में चहुंमुखी विकास होगा। गाजियाबाद नगर निगम को स्वाबलंबी बनाने की दिशा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट मील का पत्थर साबित होगा। नगर आयुक्त का जोर नगर निगम की आमदनी को बढ़ाने और आय के नये स्रोत विकसित करने पर रहा है। बजट में कई ऐसे प्रावधान हैं जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पिछले वर्ष के बजट से लगभग दोगुणा है। बजट में हुई यह बढ़ोत्तरी नगर निगम की कार्य पद्धति में हुए बदलाव और नगर आयुक्त की कार्यशैली को दर्शाता है।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम ने शुक्रवार को 3722 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया। नगर निगम सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से बजट प्रस्ताव को पास किया गया। पिछले कुछ वर्षों में गाजियाबाद नगर निगम ने कई रिकार्ड बनाये हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में एक और बड़ी उपलब्धि गाजियाबाद नगर निगम के नाम दर्ज हुआ। बजट प्रस्ताव पास होने पर सभी कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई देते हुए मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि आगामी वर्ष में शहर में चहुंमुखी विकास होगा। गाजियाबाद नगर निगम को स्वाबलंबी बनाने की दिशा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट मील का पत्थर साबित होगा।
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम ने शुक्रवार को 3722 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया। नगर निगम सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से बजट प्रस्ताव को पास किया गया। पिछले कुछ वर्षों में गाजियाबाद नगर निगम ने कई रिकार्ड बनाये हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में एक और बड़ी उपलब्धि गाजियाबाद नगर निगम के नाम दर्ज हुआ। बजट प्रस्ताव पास होने पर सभी कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई देते हुए मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि आगामी वर्ष में शहर में चहुंमुखी विकास होगा। गाजियाबाद नगर निगम को स्वाबलंबी बनाने की दिशा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट मील का पत्थर साबित होगा।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का जोर नगर निगम की आमदनी को बढ़ाने और आय के नये स्रोत विकसित करने पर रहा है। बजट में कई ऐसे प्रावधान हैं जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पिछले वर्ष के बजट से लगभग दोगुणा है। गाजियाबाद नगर निगम के बजट में हुई यह बढ़ोत्तरी नगर निगम की कार्य पद्धति में हुए बदलाव और नगर आयुक्त की कार्यशैली को दर्शाता है। 3722 करोड़ के बजट में विभिन्न मदों में 3033 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। यह नगर निगम का अब तक के इतिहास में सर्वाधिक बजट हैं। बजट में पार्षदों के लिए भी खुशखबरी है। पार्षदों को 1500 रुपए भत्ता देने संबंधी प्रस्ताव को भी कार्यकारिणी ने पास कर दिया। अब स्वीकृति के लिए इसे शासन के पास भेजा जाएगा।
नगर निगम सभागार में शुक्रवार को मेयर सुनीता दयाल की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की उपस्थिति में कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष-2025-26 का बजट पेश किया गया। जिसे सर्वसम्मति से कार्यकारिणी सदस्यों ने पास कर दिया। वित्तीय वर्ष-2024-25 में निगम का लक्ष्य 1795 करोड़ रुपए खर्च और विभिन्न मदों में 1592 करोड़ आय का था। आगामी वित्तीय वर्ष में 2754 करोड़ रुपये की आमदनी प्रस्तावित है। 3033 करोड़ विभिन्न विकास कार्यों में खर्च करने बाद भी 688 करोड़ निगम के कोष में शेष बचेंगे। इस तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 का लाभ वाला बजट गाजियाबाद नगर निगम ने पेश किया। बैठक की शुरुआत बजट प्रस्ताव से हुई। इसी बीच कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण चौधरी, राजीव शर्मा, अजय शर्मा व शीतल देओल ने पहले कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव कराने की मांग की।
मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने और निगम के कामकाज को सुचारू रखने के लिए बजट का पास होना जरूरी है। इसके बाद सभी सदस्यों ने बजट प्रस्ताव पर चर्चा की। प्रभारी लेखाधिकारी जेपी सिंह ने बजट प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, एमएनएलपी विवेक सिंह, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजीव सिन्हा समेत अन्य अधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य मनोज त्यागी, अमित त्यागी, पूनम सिंह, यशपाल पहलवान आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन लगाने वाली कंपनी मीडिया 24 को लेकर हुआ हंगामा
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में शहर में डिजिटल विज्ञापन करने वाली कंपनी को लेकर बैठक में हंगामा हुआ। कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि निर्धारित क्षेत्र से ज्यादा जगह पर मीडिया 24 कंपनी विज्ञापन कर रही है। पार्षदों ने कंपनी से 50 करोड़ शुल्क लेने की मांग उठाई। आरोप लगाया कि यह कंपनी किसी ओर के नाम से बिल जारी कर रही हैं। इसकी जांच कराने की मांग की गई। बैठक में पार्षदों को बताया गया कि निगम विज्ञापन से हर साल लगभग 22 करोड़ रुपए की आय कर रहा है। पार्षदों ने बताया कि कंपनी को सिर्फ डेढ़ हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विज्ञापन लगाने की अनुमति थी। लेकिन निर्धारित क्षेत्र से ज्यादा स्थान पर विज्ञापन लगा दिए गए। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि शहर में अवैध विज्ञापन करने वालों पर सख्ती की जाएगी। अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में शहर में डिजिटल विज्ञापन करने वाली कंपनी को लेकर बैठक में हंगामा हुआ। कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि निर्धारित क्षेत्र से ज्यादा जगह पर मीडिया 24 कंपनी विज्ञापन कर रही है। पार्षदों ने कंपनी से 50 करोड़ शुल्क लेने की मांग उठाई। आरोप लगाया कि यह कंपनी किसी ओर के नाम से बिल जारी कर रही हैं। इसकी जांच कराने की मांग की गई। बैठक में पार्षदों को बताया गया कि निगम विज्ञापन से हर साल लगभग 22 करोड़ रुपए की आय कर रहा है। पार्षदों ने बताया कि कंपनी को सिर्फ डेढ़ हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विज्ञापन लगाने की अनुमति थी। लेकिन निर्धारित क्षेत्र से ज्यादा स्थान पर विज्ञापन लगा दिए गए। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि शहर में अवैध विज्ञापन करने वालों पर सख्ती की जाएगी। अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
बैठक के दौरान हुई तीखी बहस
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक के दौरान तीखी बहस हुई। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव कराने की मांग को लेकर काफी हंगामा हुआ। कांग्रेसी पार्षद अजय शर्मा ने एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह बैठक अधिनियम के अनुसार नहीं है। सभापति के समक्ष बैठक होनी चाहिए। राजीव शर्मा ने कहा कि विज्ञापन शुल्क एक ही कंपनी को दे रखा है इससे नुकसान है। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ का विज्ञापन शुल्क मिलने की संभावना है। वार्ड-1 में पार्षद नरेश जाटव ने सीवर टैक्स नहीं लेने का मुद्दा उठाया। जन्म-मृत्यु प्रमाण बनाने के नाम पर 1 हजार रुपए तक रिश्वत लेने के मामले को मेयर ने गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि जो भी गड़बड़ी करेगा उसे हटाने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। पार्षद पूनम सिंह ने सर्वोदय अस्पताल द्वारा 10 बीघा जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया।
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक के दौरान तीखी बहस हुई। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव कराने की मांग को लेकर काफी हंगामा हुआ। कांग्रेसी पार्षद अजय शर्मा ने एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह बैठक अधिनियम के अनुसार नहीं है। सभापति के समक्ष बैठक होनी चाहिए। राजीव शर्मा ने कहा कि विज्ञापन शुल्क एक ही कंपनी को दे रखा है इससे नुकसान है। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ का विज्ञापन शुल्क मिलने की संभावना है। वार्ड-1 में पार्षद नरेश जाटव ने सीवर टैक्स नहीं लेने का मुद्दा उठाया। जन्म-मृत्यु प्रमाण बनाने के नाम पर 1 हजार रुपए तक रिश्वत लेने के मामले को मेयर ने गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि जो भी गड़बड़ी करेगा उसे हटाने के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। पार्षद पूनम सिंह ने सर्वोदय अस्पताल द्वारा 10 बीघा जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया।
सभी विभागों के बजट में हुई बढ़ोत्तरी
अगले वित्त वर्ष के बजट में निर्माण विभाग को 229 करोड़, जलकल विभाग को 100 करोड़, प्रकाश विभाग को 29 करोड़ का फंड मिला है। स्वास्थ्य विभाग एवं नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 72 करोड़ 50 लाख, उद्यान विभाग को 52 करोड़ शिक्षा, खेल कूद के लिए 1.80 करोड़, संपत्ति एवं प्रवर्तन विभाग को 2 करोड़, विधि विभाग को 2.05 करोड़, सामान्य प्रशासन कार्मिक नजारत लेखा कार्य के लिए 85 करोड़ 60 लाख, ऋण भुगतान के लिए 109 करोड़ 67 लाख रुपऐ का बजट प्रस्तावित है। लेखा कार्मिक व आउटसोर्सिंग के भुगतान के लिए 329 करोड़ 95 लाख का बजट आवंटित किया गया है।
अगले वित्त वर्ष के बजट में निर्माण विभाग को 229 करोड़, जलकल विभाग को 100 करोड़, प्रकाश विभाग को 29 करोड़ का फंड मिला है। स्वास्थ्य विभाग एवं नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 72 करोड़ 50 लाख, उद्यान विभाग को 52 करोड़ शिक्षा, खेल कूद के लिए 1.80 करोड़, संपत्ति एवं प्रवर्तन विभाग को 2 करोड़, विधि विभाग को 2.05 करोड़, सामान्य प्रशासन कार्मिक नजारत लेखा कार्य के लिए 85 करोड़ 60 लाख, ऋण भुगतान के लिए 109 करोड़ 67 लाख रुपऐ का बजट प्रस्तावित है। लेखा कार्मिक व आउटसोर्सिंग के भुगतान के लिए 329 करोड़ 95 लाख का बजट आवंटित किया गया है।



















