जीएसटी में ऐतिहासिक बदलाव: सिर्फ दो स्लैब, जनता और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कर ढांचे में बड़ा सुधार, नई दरें 22 सितंबर से लागू

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 3 सितम्बर को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कर ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव करने का निर्णय लिया गया। अब केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रहेंगे, जबकि तंबाकू, सिगरेट और अतिरिक्त चीनी युक्त पेय पदार्थों पर 40 प्रतिशत का विशेष कर लागू होगा। नई दरें 22 सितम्बर 2025 से प्रभावी होंगी।
ह्यूमन राइजिंग फाउंडेशन के अध्यक्ष गौरव गुप्ता ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बदलाव आम जनता, युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए विशेष राहत का संदेश लेकर आया है। गौरव गुप्ता ने बताया कि कर ढांचे में यह सरलता न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी फायदे का सौदा साबित होगी। उन्होंने कहा कि दैनिक जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में कटौती आएगी और सामान्य परिवारों की जेब पर सकारात्मक असर पड़ेगा। गौरव गुप्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि अब हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, बाथिंग सोप और टूथब्रश जैसी वस्तुओं पर कर 18 प्रतिशत की जगह केवल 12 प्रतिशत लगेगा। मक्खन, घी, चीज़ और डेयरी स्प्रेड्स पर कर घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है, जिससे रोजमर्रा की खरीदारी पर प्रत्यक्ष राहत मिलेगी।

गौरव गुप्ता ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में भी कर में भारी कटौती की गई है। मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट्स, टेस्ट स्ट्रिप्स और थर्मामीटर जैसे स्वास्थ्य उपकरणों पर कर कम होने से मरीजों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती होंगी। व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर कर शून्य कर दिया गया है। उन्होंने इसे समाज के कमजोर वर्गों के लिए राहत का बड़ा कदम बताया। गौरव गुप्ता ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीएसटी सुधार केवल कर की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे आम जनता, मध्यम वर्ग, छात्र, किसान और व्यापारियों को लाभ मिलेगा। जनता से अपील की कि वे इस बदलाव का सही तरीके से लाभ उठाएं और इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि यह विकास और समृद्धि की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। इससे युवाओं में उत्साह पैदा होगा और उनकी जीवन शैली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कर में राहत से परिवारों की दैनिक खर्च क्षमता बढ़ेगी और देश की अर्थव्यवस्था में भी मजबूती आएगी।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
गौरव गुप्ता ने बताया कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रैक्टर, उसके टायर और पार्ट्स, बायो-कीटनाशक, बायो-फर्टिलाइज़र, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और अन्य कृषि उपकरणों पर कर घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। गौरव गुप्ता ने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और कृषि व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी और खेती से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।

वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कर में राहत
वह कहते हैं कि पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड कारें, छोटी कारें और 300 सीसी से कम की मोटरसाइकिलों पर कर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही एयर कंडीशनर, टीवी, मॉनिटर और डिश वॉशिंग मशीन जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर भी कर घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। यह कदम आम परिवारों और युवा वर्ग के लिए बड़ी राहत साबित होगा। गौरव गुप्ता ने बताया कि शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं पर कर में राहत विशेष रूप से उल्लेखनीय है। नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, क्रेयॉन्स, नोटबुक और रबर जैसी आवश्यक शिक्षण सामग्री पर अब कोई कर नहीं लगेगा। उन्होंने इसे छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण राहत बताया। इससे शिक्षा की लागत कम होगी और अध्ययन-संसाधन अधिक सुलभ होंगे।