-उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में उठाए हर संभव कदम, निबंधन एवं संबंधित विभागों को पत्र भेजकर लिया जाएगा सहयोग
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अब अनाधिकृत कॉलोनियों में भूखंडों की रजिस्ट्री पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। बता दें कि तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी ने भी अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक लगाई थी। मगर यह मामला निबंधन निदेशक ने खारिज करते हुए रजिस्ट्री पर रोक नहीं लगाए जाने के आदेश जारी कर दिए थे। वहीं,बैनामा लेखकों ने भी लगातार विरोध-प्रदर्शन किया था। हालांकि जीडीए अब सुप्रीमकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में इसे सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। इसके साथ ही निबंधन कार्यालय व अन्य संबंधित विभाग को पत्र भेजकर इसमें सहयोग लिया जाएगा। दरअसल, सोमवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने जीडीए अधिकारियों के साथ कई मामलों को लेकर प्राधिकरण सभागार में बैठक करते हुए यह दिशा-निर्देश दिए।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब अवैध कॉलोनियों में जमीनों और भूखंडों की रजिस्ट्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में उठाया जाएगा, जिससे अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा देने वाले बिल्डरों और बैनामा लेखकों की हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कहा कि जीडीए के अधिकारियों को अब कार्यालय में बैठकर चाय पीने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों और लंबित मामलों का तुरंत निस्तारण करना होगा। उन्होंने निजी बिल्डरों द्वारा विकसित हो रही ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी भवनों के निर्माण की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बिल्डरों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार भवन निर्माण नहीं किया, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अनाधिकृत कॉलोनियों की रजिस्ट्री रोकने के लिए निबंधन विभाग, विद्युत विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। जिन बिल्डिंगों को पहले ही सील कर पुलिस अभिरक्षा में दिया गया है, उनकी मॉनिटरिंग के लिए पुलिस विभाग के साथ समन्वय किया जाएगा ताकि कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने निर्देश दिए कि जीडीए में आईजीआरएस पोर्टल की जिम्मेदारी देख रहे ओएसडी राजीव रतन सिंह प्रतिदिन कम से कम 5 आईजीआरएस सैंपल चेक करें ताकि किसी भी प्रक्रिया में अनियमितता न रह सके। इसके अलावा, इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन के हस्तांतरण के लिए एमओयू के बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
पुराने रोडवेज बस अड्डे के आधुनिक निर्माण के मामले में भी उपाध्यक्ष ने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निजी फर्म द्वारा अंडरग्राउंड बस अड्डा और शेष हिस्से में कॉमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। चूँकि फर्म द्वारा आर्थिक लाभ प्राप्त किया जाएगा, इसलिए जीडीए के राजस्व में हिस्सा सुनिश्चित करना अति आवश्यक है। इस दिशा में राजस्व शेयरिंग का अध्ययन कर प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि अब कोई भी अधिकारी या बिल्डर अवैध कॉलोनियों के निर्माण या रजिस्ट्री में गड़बड़ी नहीं कर पाएगा।
जीडीए की यह पहल न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाएगी बल्कि नियमानुसार विकास और नागरिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इस बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी राजीव रतन सिंह, प्रभारी चीफ इंजीनियर आलोक रंजन समेत अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष श्री अतुल वत्स ने सभी अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब हर कार्य पारदर्शी और प्रभावी होना चाहिए।

















