राजधानी में अवैध शराब माफियाओं की शामत, टनाटन बार से कंपोजिट शॉप तक मचा हड़कंप

  • लाइसेंसी दुकान की आड़ में बेची जा रही थी नकली शराब
  • ग्राहकों को महंगी बोतल में सस्ती शराब परोसकर ठगा जा रहा था
  • टनाटन रेस्टोरेंट में बिना लाइसेंस शराब परोसते पकड़े गए मैनेजर और पार्टनर
  • भारी मात्रा में अवैध शराब, बियर और नकली बिल बरामद

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध शराब कारोबारियों पर आबकारी विभाग का शिकंजा कसता ही जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान की अगुवाई में सोमवार देर रात दो जगहों पर हुई बड़ी कार्रवाई ने शराब माफियाओं और नियम तोडऩे वाले बार संचालकों में खलबली मचा दी। एक तरफ लाइसेंसधारी दुकान की आड़ में अवैध शराब का काला खेल पकड़ा गया, तो दूसरी तरफ बिना लाइसेंस के ग्राहकों को शराब परोस रहे हाई-प्रोफाइल रेस्टोरेंट पर कार्रवाई कर कई लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। सूचना मिली थी कि सीतापुर रोड (नियर डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग और जानकीप्रसाद अग्रवाल पेट्रोल पंप के बीच) स्थित एक कंपोजिट शॉप पर अवैध शराब बेची जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए जिला आबकारी अधिकारी ने तत्काल निरीक्षकों की एक विशेष टीम गठित की। मोनिका यादव, विवेक सिंह, शिखर मल और अखिलेश कुमार ने जब दुकान पर दबिश दी, तो वहां से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई।

जांच में पता चला कि महंगी ब्रांड की बोतलों में सस्ती शराब भरकर ग्राहकों को ठगा जा रहा था। मौके से बरामद स्टॉक में आइकॉनिक व्हाइट, ब्लेंडर प्राइड, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू और स्टर्लिंग रिजर्व बी7 जैसे ब्रांड शामिल थे। इसके अलावा बियर (ट्यूबर्ग स्ट्रांग, एस्ट्रल माल्ट) भी नकली पाई गई। मौके से राजेश जायसवाल और अशोक कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जिला आबकारी अधिकारी ने साफ कहा कि यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि आम जनता की जेब पर सीधा डाका था। विभाग ऐसे कारोबारियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा। लखनऊ में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है। चाहे लाइसेंसधारी दुकानदार हो या हाई-प्रोफाइल बार संचालक अब कोई भी नियमों की धज्जियां उड़ाकर कानून से बच नहीं सकेगा। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान की सख्ती ने यह साबित कर दिया है कि अवैध शराब कारोबार अब राजधानी में नहीं पनप सकेगा।

हाई-प्रोफाइल रेस्टोरेंट पर कार्रवाई
इसी रात आबकारी विभाग की दूसरी टीम ने हजरतगंज स्थित टनाटन रेस्टोरेंट पर छापा मारा। यह जगह राजधानी के पॉश इलाकों में शुमार होती है। यहां बिना बार लाइसेंस के ग्राहकों को मदिरापान कराया जा रहा था। छापे के दौरान विभाग ने 40 सीलबंद बोतलें, 39 हाई-रेंज की खुली बोतलें और 40 बियर जब्त कीं। साथ ही शराब बिक्री से जुड़े कई बिल भी बरामद किए गए। कार्रवाई में सामने आया कि यहां लंबे समय से बिना अनुमति बार का संचालन किया जा रहा था। रेस्टोरेंट से बार मैनेजर राकेश कुमार, शिवम् कुमार, अरविन्द कुमार, श्याम सिंह, संजय कुमार गिरी और कॉर्पोरेट पार्टनर नाजिर शेख को गिरफ्तार किया गया। सभी के खिलाफ थाना हजरतगंज में आबकारी अधिनियम व बीएनएस की धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।

जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान ने कहा कि लखनऊ में अवैध शराब कारोबार अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह लाइसेंसी दुकान की आड़ में हो या बिना लाइसेंस चल रहे बार के जरिए, सभी को जेल की हवा खिलाई जाएगी। विभाग की छवि को धूमिल करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से छापेमारी करें। किसी भी स्तर पर समझौते या ढिलाई की गुंजाइश नहीं होगी।

जनता की जेब काटने वालों पर करारा प्रहार
आबकारी विभाग ने यह साफ संदेश दे दिया है कि जो भी शराब विक्रेता या बार संचालक जनता से धोखाधड़ी करेगा, उसे सीधे जेल जाना होगा। दुकानदार जहां महंगी बोतलों में नकली शराब भरकर मुनाफाखोरी कर रहे थे, वहीं बार संचालक राजस्व चोरी कर सरकार को चूना लगा रहे थे। विभाग की इस कार्रवाई ने न केवल कारोबारियों के खेल को उजागर किया, बल्कि आम जनता में भी विश्वास जगाया कि अब प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

हर दिन नई रणनीति से होगा अभियान
आबकारी विभाग के सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई यहीं नहीं थमेगी। विभाग ने राजधानी के सभी होटलों, बारों और शराब दुकानों की सूची तैयार कर ली है। अब अचानक निरीक्षण किए जाएंगे और जो भी नियमों के खिलाफ पाया जाएगा, उस पर तत्काल कार्रवाई होगी। सचान ने स्पष्ट कहा कि अवैध कारोबारियों की खैर नहीं। जो नियम तोड़ेगा, वह सलाखों के पीछे जाएगा। लखनऊ को अवैध शराब से मुक्त कराना ही हमारी प्राथमिकता है। इस कार्रवाई के बाद राजधानी में अवैध कारोबार करने वालों में दहशत फैल गई है। कई दुकानदारों और बार मालिकों ने तुरंत अपने स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। वहीं, जनता इस कदम का स्वागत कर रही है। लोगों का कहना है कि इससे न केवल शराब की क्वालिटी सुनिश्चित होगी बल्कि ठगी और नकली शराब से होने वाले खतरों पर भी लगाम लगेगी।