औद्योगिक क्षेत्रों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर नगर निगम और यूपीसीडा की अहम बैठक

-नगर निगम का यूपीसीडा के साथ संयुक्त प्रयास, औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर हुई विस्तृत चर्चा
-औद्योगिक कचरा निस्तारण के लिए समन्वित कार्ययोजना पर जोर

उदय भूमि
गाजियाबाद। औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम और यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों के सोमवार को बीच नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और यूपीसीडा के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया और औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों, नालों और कचरा निस्तारण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर मंथन किया। बैठक में नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम पहले भी औद्योगिक कचरे के निस्तारण के लिए कार्यवाही करता रहा है और अब इसे और प्रभावी बनाने के लिए यूपीसीडा के साथ समन्वय किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों और नालों की सफाई, ठोस अपशिष्ट के प्रभावी निस्तारण और कचरा संग्रहण की योजनाओं पर गहन चर्चा हुई।

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित सभी इकाइयों का विस्तृत डेटा तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सफाई और कचरा निस्तारण की रणनीति को और बेहतर बनाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से कचरा निस्तारण की लागत और सफाई प्रक्रिया पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। नगर निगम और यूपीसीडा की इस संयुक्त बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की सफाई और कचरा निस्तारण को व्यवस्थित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। नगर निगम का यह प्रयास शहर के पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगा।

नगर निगम और औद्योगिक इकाइयों के बीच सहयोग से आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) उपमहाप्रबंधक आर. एस. यादव, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप सत्यार्थी उपस्थित रहें।

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान
औद्योगिक क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण की लागत और सफाई के खर्च को लेकर बैठक में गहन चर्चा हुई। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए यूजर चार्ज को प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में नगर निगम को मिलने वाली विभिन्न आय के स्रोतों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों से मिलने वाले शुल्क और अन्य राजस्व संसाधनों पर भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम और यूपीसीडा के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम यूपीसीडा के साथ मिलकर औद्योगिक क्षेत्र की सफाई और कचरा निस्तारण के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करेगा। औद्योगिक इकाइयों को भी इस योजना में सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।

औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर अगले कदम
• औद्योगिक इकाइयों का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा।
• डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को प्रभावी बनाया जाएगा।
• ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की लागत और व्यय को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार होगी।
• यूपीसीडा और नगर निगम के बीच तालमेल को बढ़ाया जाएगा।
• औद्योगिक क्षेत्रों से मिलने वाले राजस्व पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

औद्योगिक क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर हुई बैठक के बाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा नगर निगम शहर की स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए यूपीसीडा के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। हमारा मुख्य उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कचरे के उचित निस्तारण को सुनिश्चित करना है, ताकि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

उन्होंने कहा नगर निगम औद्योगिक क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, नालों की सफाई और कचरा निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहा है। सभी औद्योगिक इकाइयों से अपेक्षा है कि वे स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। हमने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे औद्योगिक इकाइयों का संपूर्ण डेटा तैयार करें और सफाई कार्यों के लिए प्रभावी रणनीति बनाएं। इसके अलावा, इस क्षेत्र से होने वाली आय और व्यय की भी पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे शहर के विकास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई जा सकें। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि नगर निगम और यूपीसीडा के संयुक्त प्रयासों से गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा, जिससे यह शहर और अधिक स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगा