• जल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था सुधार के लिए नगर निगम में एक सप्ताह में विस्तृत सर्वे अनिवार्य
• इंदिरापुरम और वसुंधरा में संयुक्त टीमें कर रही हैं समस्या का समाधान
• 75 करोड़ की परियोजनाओं से शहर के मलिन बस्तियों में मिलेगा स्थायी लाभ
• भू-जल भंडारण कक्ष और सीडब्ल्यूआर की आपूर्ति पर रखी जाएगी विशेष नजर
• हिंडन नदी की सफाई और नालों के सुधार कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश
• एक सप्ताह में सर्वे रिपोर्ट तैयार करने का आदेश, 75 करोड़ की योजनाओं से बदलेगा शहर का जल-सीवर ढांचा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने जलकल विभाग की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि जिन फर्मों ने कार्यादेश प्राप्त करने के बाद भी ज़मीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ नहीं किया है, उन पर कठोर कार्यवाही करते हुए उन्हें काली सूची में डाला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही अस्वीकार्य है। बुधवार को बैठक में नगर आयुक्त ने जल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था के बीच मौजूद अंतर को खत्म करने पर विशेष बल दिया। इसके लिए पूरे नगर क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन और सीवर लाइन के बीच गैप है, वहाँ शीघ्र समाधान निकाला जा सके। इंदिरापुरम और वसुंधरा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिति सुधारने के लिए जलकल विभाग और जल निगम की संयुक्त टीमें सर्वे करेंगी और स्थायी समाधान की दिशा में कार्य आरंभ करेंगी। बैठक में मौजूद महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद ने विजयनगर तथा नंदग्राम क्षेत्र में तत्काल आवश्यकताओं की जानकारी दी।
वहीं नगर आयुक्त ने चल रहे कार्यों की मंद रफ्तार पर कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा कि विभागीय अभियंता अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और कार्यों में गति लाएँ। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पांचों जोनों के अवर अभियंता जल अब प्रत्येक कार्य की सख़्त निगरानी करेंगे। यदि जनहित से संबंधित किसी समस्या की शिकायत प्राप्त होती है और उसका समय पर समाधान नहीं होता, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई तय है। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम सीमा के भीतर स्थित मलिन बस्तियों और कई वार्डों में लगभग 75 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य कराया जाएगा। इन योजनाओं से पानी की आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सीवर समस्याओं को स्थायी रूप से सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्य योजना बनाकर तेजी से आगे बढऩा अब विभाग की प्राथमिकता है, ताकि शहरवासियों को जल्द राहत मिल सके। वसुंधरा और इंदिरापुरम क्षेत्र में भू-जल भंडारण कक्ष (सीडब्ल्यूआर) के माध्यम से संचालित जल आपूर्ति पर भी विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त ने कहा कि इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की बाधा या आपूर्ति में कटौती नहीं होनी चाहिए। नगर आयुक्त ने बैठक में बताया कि हिंडन नदी की सफाई के लिए गाद निकासी कार्य, नालों के उपचार हेतु स्थल पर उपचार योजना, तथा जैव सीएनजी परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इन कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या उदासीनता पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में लेखाधिकारी अनुराग, अधिशासी अभियंता जल आशीष कुमार, सहायक अभियंता शीशमणि यादव, अवर अभियंता सोमेंद्र तोमर, अवर अभियंता पूजा तथा अन्य वरिष्ठ लिपिक मयूर गिरधर सहित विभाग की टीमें उपस्थित रहीं।
















