-सही गृहकर लगाने की मुहिम: नगर निगम और नागरिक साथ-साथ
-हर भवन का स्व-मूल्यांकन और दस्तावेजीकरण अनिवार्य
-आवासीय, व्यवसायिक या मिश्रित भवन की स्पष्ट जानकारी आवश्यक
-महापौर ने शुरू कराया सूचना पत्र वितरण अभियान, सही गृहकर लगाने की प्रक्रिया में तेजी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद में इन दिनों गृहकर निर्धारण का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है। इसी क्रम में महापौर सुनीता दयाल ने शहर के प्रत्येक भवन पर सही गृहकर लगाने को लेकर अपना स्पष्ट पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि जब सभी भवनों पर सही गृहकर लागू होगा, तभी नगर निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और विकास कार्यों की गति भी बढ़ेगी। महापौर ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए शहरभर में सूचना पत्र वितरण अभियान शुरू करवाया है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक अपने भवन का स्वमूल्यांकन कर, सही माप-तौल और स्पष्ट ब्यौरा निगम को उपलब्ध कराए, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे और भवन की वास्तविक स्थिति के आधार पर गृहकर निर्धारित किया जा सके। महापौर सुनीता दयाल ने नगर आयुक्त और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर एक विस्तृत सार्वजनिक सूचना पत्र तैयार करवाया, जिसमें नागरिकों को सही गृहकर लगाने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर क्षेत्र में इस सूचना पत्र का वितरण शुरू कर दिया है, जो क्रमबद्ध तरीके से शहर के प्रत्येक भवन स्वामी तक पहुंचाया जाएगा। सूचना पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि भवन स्वामी अपने भवन के दस्तावेजों की प्रतिलिपि, भवन का फोटोग्राफ, भवन के प्रकार आवासीय, व्यवसायिक या आवासीय में आंशिक व्यवसायिक का स्पष्ट विवरण तथा अपने भवन की पैमाइश का स्व-प्रमाणित विवरण नगर निगम मुख्यालय में जमा कराएं। महापौर ने कहा कि जब नागरिक स्वयं सही ब्यौरा देंगे, तभी गृहकर उचित और पारदर्शी ढंग से लगाया जा सकेगा। नगर निगम की वेबसाइट पर स्व-मूल्यांकन प्रपत्र उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड करके नागरिक अपने भवन का संपूर्ण विवरण भर सकते हैं।
इसके बाद यह प्रपत्र आवश्यक दस्तावेजों के साथ नगर निगम मुख्यालय में जमा कराया जाएगा। इस प्रक्रिया से न केवल गृहकर निर्धारण में पारदर्शिता आएगी, बल्कि निगम को शहर के वास्तविक कर-आधार का सही आकलन करने में भी मदद मिलेगी। महापौर ने कहा कि नागरिक यह भी उल्लेख करें कि उनका भवन किस श्रेणी में आता है-पूर्णत: आवासीय, पूर्णत: व्यवसायिक या आंशिक रूप से आवासीय और आंशिक रूप से व्यवसायिक। इससे गृहकर सही रूप से निर्धारित होगा और किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
सही गृहकर लगवाना सभी की जिम्मेदारी
महापौर सुनीता दयाल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग करें, सही जानकारी दें और समय पर दस्तावेज जमा कराएं। उन्होंने कहा कि गृहकर की सही वसूली केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर के विकास में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी है। जब नगर निगम की आय मजबूत होगी, तभी सड़क, सफाई, प्रकाश, जल आपूर्ति और अन्य मूलभूत सेवाओं में सुधार संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान शहर को व्यवस्थित, आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सभी नागरिक जागरूकता दिखाएं और इस प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
















