-पुरुष प्रधान समाज में महिला अस्तित्व पर हुई सार्थक चर्चा
-महिला सशक्तिकरण के बिना समृद्ध समाज की कल्पना अधूरी: डॉ. मनोज गोयल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर-4 स्थित प्रज्ञा आर्ट्स के तत्वावधान में सोमवार को स्त्री वार्ता विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस पुरुष प्रधान समाज में महिला अस्तित्व, उसकी भूमिका और उसकी अहमियत को रेखांकित करना रहा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा नेता और पूर्व पार्षद डॉ. मनोज गोयल ने अपने संबोधन में कहा, महिलाएं समाज की रीढ़ हैं। जब तक महिलाएं शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक किसी भी समाज या राष्ट्र की समृद्धि संभव नहीं है। हमें महिलाओं को सिर्फ अधिकार देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान और समान अवसर भी सुनिश्चित करने होंगे। पार्षद अनुज त्यागी ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रज्ञा आर्ट्स जैसे संगठनों के प्रयासों की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रज्ञा आर्ट्स की ओर से लक्ष्मी रावत और मंजू पुरोहित ने संस्था के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रज्ञा आर्ट्स महिलाओं के आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर भाजपा नेत्री विमला रावत, लक्ष्मी शर्मा, विजयलक्ष्मी वधवाल, जगमोहन रावत, अंजू पुरोहित, विजयलक्ष्मी नौटियाल, मंजू भट्ट, विमला भट्ट, पुष्पा देवली, लता पावड़ी, रीना रतूड़ी, राकेश गौड़, धीरू, प्रदीप बड़वाल, मनोज चंदोला, मुकेश धोरी, रामेश्वरी नादान, नूतन पटवाल, दीक्षा क्वात्रा, सुषमा रावत, रेखा भाटिया, प्रवीण शर्मा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण, समानता, शिक्षा और सामाजिक चेतना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन संवाद हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं को न केवल अधिकार मिलने चाहिए बल्कि उन्हें समाज के हर क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर भी प्रदान किया जाना चाहिए। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि प्रज्ञा आर्ट्स और सभी सहभागी संस्थाएं मिलकर महिलाओं के उत्थान और जागरूकता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

















