पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ की नई पहल: शिष्टाचार संवाद नीति से बदलेगा खाकी का चेहरा

-पुलिसकर्मियों के व्यवहार में होगा सकारात्मक बदलाव, आप की संस्कृति को बढ़ावा देने का कदम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसे लेकर अब पुलिसकर्मियों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ की देखरेख में शिष्टाचार संवाद नीति को लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के आक्रामक और अमर्यादित व्यवहार को समाप्त करना है और जनता के साथ उनकी बातचीत को सम्मानजनक बनाना है। इस नई नीति के तहत पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि वे अब आम जनता से संवाद करते वक्त तुम या तू जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके बजाय, आप का प्रयोग किया जाएगा, ताकि एक शिष्ट और सम्मानजनक संवाद की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, यह पहल इस उद्देश्य से की गई है कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार अधिक सौम्य, संयमित और सकारात्मक हो, जिससे आम जनता के साथ उनका संपर्क बेहतर हो सके। नई शिष्टाचार संवाद नीति के तहत महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग जन और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के साथ विशेष सम्मानपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता होगी। पुलिसकर्मियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इन विशेष वर्गों के साथ बातचीत करते समय अधिक धैर्य और सहानुभूति दिखाएं। महिलाओं के मामलों को महिला पुलिसकर्मी द्वारा महिला हेल्प डेस्क पर सुना जाएगा और उनकी गोपनीयता पूरी तरह से सुरक्षित रखी जाएगी।

पुलिस कमिश्नर का दृष्टिकोण: खाकी को सशक्त बनाना
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ का मानना है कि पुलिसकर्मियों का जनता के साथ व्यवहार सीधे तौर पर उनके पेशेवर मानकों को प्रभावित करता है। उनके अनुसार, शिष्टाचार संवाद नीति का उद्देश्य सिर्फ पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार करना नहीं है, बल्कि पूरे समाज में एक सकारात्मक संदेश देना भी है। इस नीति के तहत, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पुलिसकर्मी अपनी व्यक्तिगत या सरकारी फोन लाइनों पर भी शालीनता से बात करें और अनावश्यक गाली-गलौज से बचें।

आगंतुकों और कर्मचारियों के लिए सुखद अनुभव
न केवल पुलिसकर्मियों का व्यवहार, बल्कि पुलिस थानों और चौकियों में आगंतुकों के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। अब थानों और चौकियों में आगंतुकों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां रखी जाएंगी। बच्चों के लिए टॉफी और चॉकलेट की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि उन्हें थाने या चौकी में कोई असुविधा महसूस न हो।

पुलिस कर्मचारियों के लिए नए निर्देश
इसके अलावा, पुलिस कर्मचारियों को अब सोशल मीडिया पर अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी गई है। वे अब सोशल मीडिया पर कोई भी बयान या वीडियो वायरल करने से पहले विचार करेंगे। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या ईयरफोन का उपयोग न करें। यह नई शिष्टाचार संवाद नीति न केवल पुलिसकर्मियों के आचरण को सुधारने का कदम है, बल्कि यह समाज में पुलिस की छवि को भी सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ के इस प्रयास को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उम्मीद जगी है कि इस पहल के बाद पुलिस और जनता के बीच बेहतर रिश्ते होंगे और समाज में पुलिसकर्मियों की छवि में भी सुधार आएगा। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ की यह नई पहल पुलिस विभाग में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो सकती है। इस नीति के लागू होने से न केवल पुलिसकर्मियों के व्यवहार में बदलाव आएगा, बल्कि यह आम जनता के साथ संवाद को भी सम्मानजनक और सौम्य बनाएगा।

हमारी प्राथमिकता हमेशा नागरिकों के साथ सम्मानजनक और शालीन तरीके से संवाद करने की रही है। शिष्टाचार संवाद नीति से न केवल पुलिसकर्मियों के बीच व्यवहार में सुधार होगा, बल्कि यह पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सम्मान को भी बढ़ाएगा। हम चाहते हैं कि गाजियाबाद पुलिस का हर अधिकारी अपनी वर्दी का आदर करें और जनता के साथ उच्चतम शिष्टाचार का पालन करे। यह पहल न सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। हम चाहते हैं कि लोग पुलिस से डरने के बजाय उनके साथ सहयोग करें और एक सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहते हुए पुलिस सेवा का लाभ उठाएं। यह नीति गाजियाबाद में एक नया मानक स्थापित करेगी, और हम उम्मीद करते हैं कि अन्य जिलों में भी इसे अपनाया जाएगा।
जे. रविंदर गौड़
पुलिस आयुक्त