-देश भक्ति गीतों और वीरों की गाथा सुनकर श्रोताओं की भर आई आंखें
-एकता से भरी हुई है भारत की स्वतंत्रता की यात्रा अपार बलिदान और साहस: पूनम गौतम
-शहीदों की वजह से हम खुली हवा में सांस ले रहे: तनूजा
गाजियाबाद। जिले ने स्वतंत्रता दिवस की काफी धूम रही। लोगों ने आजादी का जश्न पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया। इस मौके पर सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों में ध्वजारोहण कर देश को आजादी दिलाने वाले अमर शहीदों को नमन किया गया। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा लगाकर देशभक्ति का इजहार किया। गौतम पब्लिक सी. सै. स्कूल पी ब्लॉक प्रताप विहार में गुरुवार को 78वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय के डायरेक्टर आशीष गौतम, प्रधानाचार्या पूनम गौतम, उपप्रधानाचार्या तनूजा, एकेडमिक हेड चेतन शर्मा ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया एवं अध्यापकगण और छात्र-छात्राओं के साथ झंडे को सलामी देते हुए राष्ट्रगान गाया। ध्वजारोहण के बाद आजादी के जश्न में डूबे स्कूली बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी। देश भक्ति गीतों और वीरों की गाथा सुनकर श्रोताओं की आंखें भर आईं।
विद्यार्थियों ने देश भक्ति गीतों और शहीदों की कुर्बानियों की गाथा सुनाकर सबको भावविभोर कर दिया। विद्यार्थियों ने देशभक्तों और शहीदों को याद करते हुए पोस्टर मेकिंग, मॉडल मेकिंग, देशभक्ति गीत, समूह गीत, भाषण और सजावट गतिविधियों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम के मंचन ने मौजूद सभी लोगों को उत्साहित कर दिया। प्रधानाचार्या पूनम गौतम ने सभी को संबोधित करते हुए कहा आजादी… तीन शब्दों से मिलकर बना है। इसी आजादी को पाने के लिए भारत ने 200 साल तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। भारत की स्वतंत्रता की यात्रा अपार बलिदान, साहस और एकता से भरी हुई है। 1857 के विद्रोह से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारी स्वतंत्रता के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। स्वतंत्रता दिवस एक ऐसा दिन है जो हमें स्वतंत्र और सुरक्षित महसूस कराता है।
यह हमें हमारे महान नेताओं की प्रेरक यात्रा, निरंतर संघर्षशील प्रयासों और बलिदान की याद दिलाता है। आज के दिन भारत अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के सदियों के संघर्ष बलिदान और दृढ संकल्प का प्रतीक है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अथक प्रयास किए। उपप्रधानाचार्या तनूजा ने विद्यार्थियों के बताते हुए कहा 15 अगस्त का दिन हर एक भारतीय के लिए बेहद खास है। यह दिन न सिर्फ हमारी आजादी का जश्न मनाता है, बल्कि इस आजादी में अंग्रेजों से छीनकर लाने वाले वीर स्वतंत्रता सैनानियों की याद भी दिलाता है। हमें आजादी में सांस लेने का हक दिलाने की इस लड़ाई में कई वीर सपूतों की सांसें थम गईं। ऐसे में यह दिन उनके इस निस्वार्थ बलिदान के प्रति आभार जाहिर करने का भी एक बेहतरीन मौका है। महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, रामप्रसाद बिस्मिल जैसे हमेशा प्रत्येक भारतीय के लिए श्रद्धेय होंगे।
जिन्होंने भारत को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। इन्हीं की बदौलत आज हम सब एक आजाद देश की हवा में सांस ले पा रहे है। भूले नही न भूलने देंगे वीरों के बलिदान को सुभाष चंद्र शेखर, और आजाद अभी भी है इन फिजाओं में, हम भी वतन के लिए खून बहाएंगे, ये माँ हम भी तेरे वीर सपूत हैं कुछ कर गुजर जाएंगे। डायरेक्टर आशीष गौतम ने कहा मातृ-भूमि की रक्षा कर देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों की बदौलत ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्हें भुलाना या उनकी याद में किए वादे को भूल जाने से बुरा कुछ भी नहीं है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमें आजादी दिलाई, जिसे हमें बरकरार रखना है। एक अच्छा नागरिक बन कर देश हित में हमेशा आगे बढ़ते रहें। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि बच्चों को एक अच्छा इंसान बनाना जाए। हम जो भी कार्यक्रम करते हैं, उसमें कोशिश करते हैं कि समाज को एक संदेश मिले।

















