जिसके पीछे पड़ी थी यूपी के कई जिलों की पुलिस उस एमबीए पास नटवरलाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने धर-दबोचा स्क्रैप बेचने के नाम पर 20 करोड़ का लगाया चूना 

गाजियाबाद। स्क्रैप बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एमबीए पास शातिर नटवरलाल को थाना नंदग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पिछले काफी वर्षों से स्क्रैप बेचने के नाम पर व्यापारियों से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था। जिसके खिलाफ लखनऊ समेत यूपी के कई जनपदों में मुकदमें दर्ज है। शातिर ने अपने मूल जनपद बस्ती में बंद पड़ी चीनी मिल का स्क्रैप बेचने के नाम पर 10 बड़े कबाडिय़ों से संपर्क किया और उन्हें करीब 20 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। सभी मुकदमें फर्जीवाड़ा कर पैसे हड़पने के मामले में दर्ज हुए हैं। लेकिन एक भी मामले में जेल नहीं गया। लेकिन डीसीपी सिटी राजेश कुमार की स्पेशल टीम ने आरोपी को मुकदमें के चार दिन बाद ही धर-दबोच लिया। नंदग्राम थाना क्षेत्र निवासी एक कबाड़ी ने इस नटवर लाल के खिलाफ एक करोड़ की ठगी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। बस्ती जिले के एक बंद पड़ी चीनी मिल का स्क्रैप बेचने के नाम यह ठगी की गई थी। अब तक अलग- अलग जनपदों में दर्ज मुकदमों से पता चला है कि आरोपी मिल का स्क्रैप बेचने के नाम पर शातिर करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है।

शनिवार को पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में ठगी की घटना का खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह की मौजूदगी में बताया पकड़े गए नटवरलाल का नाम कमरुद्दीन पुत्र जमालुद्दीन है। मूलरूप से बस्ती जिले का रहने वाला कमरुद्दीन लखनऊ के खुर्रम नगर में जी मल्टी ट्रेडिंग एंड सर्विसेज के नाम से अपना आफिस चलाता है। जिसने एमबीए पास है। बस्ती जनपद में फेनिल शुगर मिल बंद हो गई थी और उस पर किसानों का काफी पैसा बकाया था। कमरुद्दीन ने इसी जानकारी का फायदा उठाया और बड़े कबाडियों से अलग-अलग उक्त मिल के स्क्रैप का सौदा कर लिया। इन कबाडिय़ों में मेरठ, कानपुर, राजस्थान और गाजियाबाद के कबाड़ी भी शामिल हैं। नंदग्राम थानाक्षेत्र के हिंडन विहार निवासी कबाड़ी नौशाद पुत्र मेहरइलाही के साथ भी अभियुक्त ने मिल का स्क्रैप दिलाने का ही सौदा किया था। कबाडिय़ों को झांसे में लेने के लिए कमरुद्दीन ने खुद को इस मिल का मालिक बताया और किसानों का बहुत सारा पैसा चुकाने के लिए स्क्रैप बेचना है, सस्ते में देंगे। नौशाद को भी अभियुक्त ने मिल के फर्जी कागज दिखाते हुुए यही बात कही थी और तीन करोड़ में स्क्रैप का सौदा कर दिया था।

सौदे की एवज में नौशाद ने कई बार में 93 लाख, 50 हजार रुपये आरटीजीएस किए और 55 लाख, 88 हजार रुपये नगद दिए। रकम देने के बाद जब नौशाद बताई गई मिल पर पहुंचा तो उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। उसने कमरुद्दीन से कहा कि मेरी रकम वापस करो। कई बार में तकादा करने के बाद कमरुद्दीन ने नौशाद को 49 लाख, 54 हजार रुपये लौटा दिए थे। उसके बाद भी नौशाद ने तकादा जारी रखा। जिस पर कमरुद्दीन ने उसे दोबारा फोन करने पर जान से मारने की धमकी देकर फोन काट दिया। जिसके बाद पीड़ित ने 14 अगस्त को नंदग्राम थाने में कमरुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इतनी बड़ी रकम की ठगी की जानकारी मिलने पर पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए डीसीपी सिटी ने सर्विलांस टीम और थाना नंदग्राम पुलिस को इस केस पर लगाया। जिसके बाद मुकदमे के चार दिन बाद ही रोटरी चौराहे के पास से उसे कमरुद्दीन पुत्र जमालुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया।

डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया 40 साल का कमरुद्दीन पढ़ा लिखा है, उसने एमबीए किया है। पहले वह लखनऊ में ही शेयर ट्रेडिंग का काम करता था, लेकिन कोविड के दौरान उसे काफी नुकसान हो गया था। नुकसान के चलते वह झटके का पैसा कमाने के लिए ठगी करने लगा। लखनऊ और बस्ती समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसके खिलाफ जालसाजी के 11 मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन पुलिस उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी थी और न ही उसने किसी मामले में कोर्ट में सरेंडर किया। मगर अब तमाम जनपदों की पुलिस इस शातिर से पूछताछ करेगी। डीसीपी ने बताया है कि गाजियाबाद के नौशाद कबाड़ी की ही तरह वह 10 बड़े कबाडिय़ों को ठगी का शिकार बना चुका है। ये कबाड़ी कानपुर और मेरठ समेत अलग- अलग जनपदों के हैं।

यूपी के अलावा अभियुक्त ने राजस्थान में भी स्क्रैप बेचने के नाम पर ठगी की और अब तक दर्ज एफआईआर के मुताबिक वह दस कबाडिय़ों से करीब 20 करोड़ रुपये ठग चुका है। किसी से वह खुद मिल मालिक बनकर सौदा करता था तो किसी से बताता कि हमारी कंपनी और मिल के बीच सौदा हो गया है, जबकि मिल से उसका कोई लेना देना नहीं था। जिसके खिलाफ गाजियाबाद समेत यूपी के कई जिलों में 11 मुकदमे दर्ज है। जिसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।