देश की तरक्की के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना जरूरी: मनीष कुमार वर्मा

• नशे के विरुद्ध जन क्रांति की शुरुआत, डीएम बोले हर घर, हर संस्थान को बनाना होगा नशा मुक्त
• आबकारी विभाग का ऐलान- हर गली, हर स्कूल में चलेगा जागरूकता अभियान
• नशे को खत्म करना प्राथमिकता, हर संस्थान से मांगा जाएगा नशा मुक्त परिसर शपथ पत्र

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्धनगर। युवाओं को नशे की दलदल से निकालने और जिले को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों, एनजीओ प्रतिनिधियों तथा संस्थागत पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा, नशे से युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में है। यह सिर्फ कानून व्यवस्था की नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ें। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों से यह शपथ पत्र लिया जाए कि उनका परिसर नशा मुक्त है, और जो संस्थान इस मुहिम में आगे आएंगे उन्हें प्रशासन की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नशे के कारण परिवार बर्बाद हो रहे है। परिवार व भावी पीढ़ी को बचाने गाव व समाज के उत्थान के लिए नशा मुक्ति अभियान बेहद जरूरी है। युवाओं को इस दलदल में धसने से बचाने और इसमें फंसे युवकों को बाहर निकाला जाएगा। नशा युवा पीढ़ी के लिए बहुत खतरनाक चीज है। हमें युवाओं को किसी भी सूरत में इससे बचाना है। इसके लिए सभी विभाग एक साथ मिलकर कार्य करें। युवाओं को नशा से दूर रखने के लिए जिले में इस तरह के व्यापार करने वाले पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। हमें युवाओं को जागरूक भी करना है। जागरूकता के लिए सभी स्कूल कालेजों में दीवारों पर पेंटिग तथा होर्डिंग आदि लगवाए जाएं।

उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों किनारे भी अगर कहीं नशीले पदार्थों से संबंधित पौधे मिलते हैं तो उनको नष्ट किया जाए। आरडब्ल्यूए, स्वंयसेवी संगठन, शिक्षण संस्थान और समाज के हर वर्ग को जोड़कर इस अभियान को जन आंदोलन की शक्ल दी जाए। छात्रावासों, पीजी और संवेदनशील इलाकों में औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी नशीली गतिविधि संचालित न हो। जनपद को नार्कोटिक्स फ्री बनाना एक सपना नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यदि सभी विभाग, संस्थाएं और समाज के नागरिक एकजुट हो जाएं, तो यह लक्ष्य बहुत दूर नहीं। आने वाले समय में गौतमबुद्धनगर एक आदर्श नशा मुक्त जिले के रूप में सामने आएगा।

हर नुक्कड़ से लेकर कॉलेज तक चलेगा नशा मुक्ति मिशन
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में शराब और अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर कड़ा शिकंजा कसने के लिए निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, आबकारी विभाग हर स्कूल, कॉलेज, मोहल्ला और सार्वजनिक स्थल पर जागरूकता फैलाएगा। टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति गोपनीय रूप से सूचना दे सकता है। उन्होंने बताया कि छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के लिए विशेष अभियानों की योजना बनाई गई है। इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर कार्यशालाएं और जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।

प्रशासनिक समन्वय और कठोर रणनीति से नशा मुक्त बनेगा जनपद
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, अब सिर्फ प्रवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता के माध्यम से इस जहर को जड़ से खत्म करना होगा। बैठक में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की डॉ. श्वेता खुराना, पुलिस विभाग के अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, एनजीओ प्रतिनिधि, आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, गौरव चन्द, डॉ शिखा ठाकुर, नामवर सिंह, रवि जायसवाल, चन्द्रशेखर सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।