-धर्मार्थ कार्य विभाग की गाइडलाइन के तहत होगा भवन का रख-रखाव, आमजन के लिए नहीं होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा की बुकिंग
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित कैलाश मानसरोवर भवन का विधिवत रूप से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को हैंडओवर कर दिया गया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस भवन के संचालन का जिम्मा अब जीडीए की निगरानी में निजी एजेंसी के पास होगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि भवन का संचालन धर्मार्थ कार्य विभाग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा।
उपाध्यक्ष वत्स ने कहा कि जीडीए द्वारा तैयार की गई रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) में स्पष्ट नियम और शर्तें रखी गई हैं। इसके अनुसार कैलाश मानसरोवर भवन में किसी भी प्रकार के मांस या शराब का इस्तेमाल सख्त मनाही है। भवन का प्रयोग केवल कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा और आमजन के लिए यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बुकिंग की अनुमति नहीं होगी। जीडीए ने भवन संचालन के लिए निर्धारित एजेंसी को 15 साल की अवधि के लिए जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। उपाध्यक्ष वत्स ने बताया कि यदि निजी एजेंसी निर्धारित शर्तों का पालन करती है तो अगले 15 साल की अवधि के लिए इसका नवीनीकरण किया जा सकेगा। इसके तहत भवन का रख-रखाव, संचालन और व्यवस्था पूरी तरह जीडीए की निगरानी में होगा।
कैलाश मानसरोवर भवन परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग, ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भवन में समय-समय पर क्षेत्र के लोगों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे, लेकिन यात्रा के आरक्षित समय में किसी भी अन्य आयोजन की अनुमति नहीं होगी।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह गाजियाबाद दौरे के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में जीडीए को कैलाश मानसरोवर भवन का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स के अथक प्रयास से धर्मार्थ कार्य विभाग और जीडीए के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। एमओयू साइन होने के बाद ही कैलाश मानसरोवर भवन जीडीए को आधिकारिक रूप से हैंडओवर किया गया। उपाध्यक्ष वत्स ने कहा कि जीडीए की पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैलाश मानसरोवर भवन का संचालन पारदर्शी, व्यवस्थित और धार्मिक आस्था के अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि भवन की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी केवल किसी निजी एजेंसी को सौंपने से यह सुनिश्चित नहीं होगा कि व्यवस्थाओं में कोई कमी रह जाए। इसलिए जीडीए टीम नियमित निरीक्षण करेगी और सभी शर्तों के पालन का सतत मूल्यांकन किया जाएगा। जीडीए प्रवर्तन टीम और अधिकारियों ने बताया कि कैलाश मानसरोवर भवन की सुविधाओं में यात्रियों के आराम के लिए उच्च गुणवत्ता वाली व्यवस्था की गई है। भवन परिसर में सुरक्षा, सफाई, पार्किंग और सुविधा के हर पहलू का ध्यान रखा गया है। उपाध्यक्ष वत्स ने कहा कि भवन का संचालन न केवल यात्रियों की धार्मिक आस्था को सम्मानित करेगा, बल्कि गाजियाबाद में धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा। इस कदम से गाजियाबाद शहर में धार्मिक स्थलों के संचालन और प्रबंधन में नई परंपरा स्थापित होगी। निजी एजेंसी की निगरानी में भवन में नियमित रूप से यात्रियों के अनुभव और सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। उपाध्यक्ष वत्स ने आश्वस्त किया कि जीडीए समय-समय पर भवन का निरीक्षण करता रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तत्काल दुरुस्त किया जाएगा। सार्वजनिक और धार्मिक दृष्टिकोण से यह कदम गाजियाबाद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह न केवल धार्मिक यात्रियों के लिए सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी पारदर्शिता और अनुशासन की मिसाल पेश करेगा।















