कांवड़ यात्रा 2025: श्रद्धा की राह पर सुरक्षा का प्रहरी बना आईपीएस धवल जायसवाल

-डीसीपी सिटी धवल जायसवाल बने कांवडिय़ों के ‘सुरक्षा-संवेदनशीलता’ के प्रतीक
-हर मोर्चे पर सतर्क, हर कदम पर प्रतिबद्ध- मैदान में दिख रहा है जमीन से जुड़ा अफसर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन के पावन माह में आस्था की यह यात्रा जब लाखों शिवभक्तों के कदमों से गूंजती है, तब उनके संरक्षण की जिम्मेदारी उठाते हैं वे अफसर जो केवल आदेश नहीं देते, बल्कि खुद सड़कों पर उतरकर निगरानी करते हैं। ऐसे ही अफसर हैं गाजियाबाद के तेजतर्रार और संवेदनशील डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, जिनकी कार्यशैली आज नगर में एक मिसाल बन चुकी है। शुक्रवार दिन और रात थाना मधुबन बापूधाम, नगर कोतवाली क्षेत्र में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने कविनगर एसीपी भास्कर वर्मा के साथ दिल्ली-मेरठ रोड स्थित कांवड़ मार्ग का गहराई से निरीक्षण किया। कांवड़ के लिए तय लेन में यातायात व्यवस्था, रूट डायवर्जन और सुरक्षा घेरे की समीक्षा करते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने ट्रैफिक कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मोबाइल टीमें सक्रिय रखने, सीसीटीवी कैमरे लगातार सक्रिय रखने तथा कांवड़ शिविरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश भी जारी किए।

स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों में इस बात की खुलकर चर्चा है कि धवल जायसवाल जैसे अधिकारी ही प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनते हैं। उनका ज़मीन से जुड़ा व्यवहार, कर्मशील नेतृत्व और संवेदनशील सोच यह साबित करती है कि शासन और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल पद से नहीं, सोच और समर्पण से आता है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि कांवड़ यात्रा आस्था और अनुशासन का पर्व है। हमारी पूरी कोशिश है कि शिवभक्तों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। सभी अधिकारी और कर्मचारी 24 घंटे ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो तय कांवड़ लेन पर यातायात पूरी तरह नियंत्रित रहे, शिविरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए, महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मोबाइल टीमें निरंतर गश्त करें और सभी सीसीटीवी कैमरे सक्रिय अवस्था में रहें। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। इसके साथ ही मैं सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील करता हूं कि नियमों का पालन करें, एक-दूसरे की सहायता करें और इस पावन यात्रा को मिलजुलकर सफल बनाएं। पुलिस-प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

‘कोई भी निराश न लौटे’- यह सिर्फ शब्द नहीं, श्री जायसवाल का कर्तव्य संकल्प
धवल जायसवाल की कार्यशैली सिर्फ फील्ड तक सीमित नहीं है। हर सुबह वह अपने कार्यालय में बैठकर एक-एक फरियादी से संवाद करते हैं, उनकी समस्याओं को पूरी गंभीरता से सुनते हैं और तत्काल समाधान सुनिश्चित करते हैं। उनके कार्यालय से कोई भी नागरिक निराश होकर नहीं लौटता यह बात अब नगरवासियों के मन में विश्वास का रूप ले चुकी है।

डीसीपी की रणनीति और नेतृत्व में सड़कों पर दिख रहा है अनुशासन और संतुलन
जिलेभर में कांवड़ मार्गों पर लगे बैरिकेड्स, महिला सहायता केंद्र, मेडिकल टीमों की तैनाती और ट्रैफिक नियंत्रण की योजना दर्शाती है कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और जनसेवा को लेकर गंभीर है। इन सबके पीछे डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की रणनीतिक सोच और मैदानी नेतृत्व की सीधी छाप है। सिर्फ शिवभक्त ही नहीं, आम नागरिक भी यात्रा के दौरान किसी असुविधा का शिकार न हो इसके लिए उनके नेतृत्व में पुलिस टीमें चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं।

सावन की सेवा में लगे सुरक्षाकर्मी भी पाते हैं प्रेरणा
कांवड़ यात्रा में तैनात सिपाही से लेकर वरिष्ठ निरीक्षक तक सभी कर्मचारियों में ऊर्जा का संचार तब होता है जब वे अपने अधिकारी को खुद मोर्चे पर आगे पाते हैं। यही कारण है कि इस बार गाजियाबाद में सुरक्षा, सेवा और श्रद्धा तीनों का सामंजस्य बेहतर बन पड़ा है। डीसीपी सिटी जायसवाल ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है, इसमें सहयोग, अनुशासन और भाईचारे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन आपके साथ है, बस आप भी नियमों का पालन करें और एक-दूसरे की सहायता करें।