कांवड़ यात्रा 2025: डीएम की अध्यक्षता में महायोजना-कांवड़ यात्रा को बनाने जा रहे हैं मिसाल 

 -कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सकुशल सम्पन्न कराना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य: दीपक मीणा
-सुरक्षा, स्वच्छता, बिजली, चिकित्सा, ट्रैफिक, प्लास्टिक मुक्त यात्रा सहित सभी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन माह के पावन अवसर पर आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विद्युत विभाग, चिकित्सा, परिवहन, वन विभाग, एनडीआरएफ और अन्य सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन रणविजय सिंह ने कांवड़ यात्रा मार्ग की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद से होकर गुजरने वाला कांवड़ मुख्य मार्ग मुरादनगर से टीला मोड़ तक 25 किलोमीटर और कादराबाद बॉर्डर से दिल्ली बॉर्डर तक 42.5 किलोमीटर लंबा है। इसके अतिरिक्त सहायक मार्गों में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (53 किमी) और एनएच-9/एनएच-24 (28 किमी) भी शामिल हैं। यात्रा के प्रमुख पड़ावों में मुरादनगर गंगनहर घाट, दूधेश्वरनाथ मंदिर, दिल्ली गेट स्थित देवी मंदिर और सुराना शिव मंदिर जैसे स्थान सम्मिलित हैं, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सफल, सुरक्षित और पूर्णत: व्यवस्थित बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभाग समयबद्ध रूप से कार्य सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कांवड़ मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय रहे और उसकी रिपोर्ट संबंधित नियंत्रण कक्ष को नियमित रूप से प्राप्त होती रहे। कैमरों की पूरी सूची प्रशासन को समय से उपलब्ध कराई जाए। प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि समस्त मार्गों पर मानक के अनुरूप पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था की जाए, जिससे रात के समय किसी भी यात्री को असुविधा न हो। शहर और गांवों के भीतर कुल 8638 प्रकाश बिंदुओं की स्थापना की योजना है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी बिजली कटौती की संभावना हो, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पूरे यात्रा मार्ग तथा शिविर स्थलों के आस-पास की झाडिय़ों और गंदगी को पूरी तरह हटाया जाए।
साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि शिविर आयोजकों को प्रेरित किया जाए कि वे प्लास्टिक का किसी भी रूप में उपयोग न करें। प्रशासन की मंशा है कि इस बार कांवड़ यात्रा पूर्णत: प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल हो। चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था को लेकर जानकारी दी गई कि इस बार यात्रा के दौरान 30 एम्बुलेंस, 250 डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ, 20 चिकित्सा शिविर और 180 बिस्तरों की आरक्षित व्यवस्था की गई है। आवश्यक दवाएं, टिटनेस के टीके, एंटी वेनम वॉयल्स, दर्द निवारक दवाएं और फर्स्ट एड की पूरी किट उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही अग्निशमन सेवाएं भी पूरी तरह सतर्क रहेंगी और हर संवेदनशील स्थल पर अग्निशमन यंत्र, बालू व पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी।
यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, डस्टबिन की उपलब्धता, महिला व पुरुष शौचालयों की पृथक-पृथक व्यवस्था, स्वच्छता मित्रों की तैनाती, भोजन सामग्री की जांच हेतु खाद्य एवं औषधि विभाग की 14 टीमें, सभी व्यवस्थाओं को समन्वयपूर्वक लागू किया जा रहा है।
नगर निकायों द्वारा 150 पेयजल टैंकर की व्यवस्था की गई है और सभी पेट्रोल पंपों पर स्वच्छता मानकों के पालन की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी को सौंपी गई है। यातायात व्यवस्था को सुगम और निर्बाध बनाए रखने हेतु पुलिस व यातायात विभाग के सहयोग से बैरिकेडिंग, वाहन चालकों की जांच और आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को पास जारी करने की कार्यवाही की जा रही है। खासतौर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी वाहन चालक शराब या नशे की स्थिति में वाहन न चलाए। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। गंगनहर घाट जैसे संवेदनशील स्थलों पर 7 गोताखोरों और 2 नावों की तैनाती की जाएगी। एनडीआरएफ की टीम, दमकल वाहन और 200 अतिरिक्त बसें हरिद्वार के लिए चलाई जाएंगी ताकि यात्री समय से गंतव्य पर पहुंच सकें। कांवड़ मार्ग पर पडऩे वाली नई खानपान दुकानों का सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही मंदिरों और यात्रा मार्ग के आस-पास कोई भी मांस/मदिरा की दुकान संचालित नहीं होने दी जाएगी।
संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद या स्थानांतरित कराएं। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागीय कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण करें और आवश्यकतानुसार मॉक ड्रिल कराना सुनिश्चित करें, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश मिश्रित आबादी वाले गांवों को लेकर दिए और आवारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उपस्थित महंत नारायण गिरी महाराज एवं दिल्ली गेट स्थित देवी मंदिर के महंत ने जिलाधिकारी के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही यह तैयारियां निश्चित रूप से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को स्मरणीय और व्यवस्थित बनाएंगी। बैठक में जिलाधिकारी के साथ डीएफओ, ट्रेनी आईएएस अयान जैन, एडीएम सिटी विकास कश्यप, एसडीएम, डीडीओ, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी, आरआरटीएस सहित अन्य सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बिजली आपूर्ति एवं प्रकाश व्यवस्था
• ग्रामीण क्षेत्र में 6331 और शहरी क्षेत्र में 2307 प्रकाश बिंदुओं की व्यवस्था।
• विद्युत पोलों पर 5 फुट की ऊंचाई तक इंसुलेटेड प्लास्टिक चढ़ाने के निर्देश।
स्वच्छता और पर्यावरण
• यात्रा मार्ग और शिविरों के आसपास की झाडिय़ों की कटाई, सफाई और छाडिय़ों की सफाई का आदेश।
• प्लास्टिक मुक्त यात्रा के लिए कांवड़ शिविर आयोजकों को ईको-फ्रेंडली सामग्री उपयोग हेतु प्रेरित किया गया।
• सामुदायिक शौचालयों और डस्टबिन की व्यापक व्यवस्था।
चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाएं
-30 एम्बुलेंस, 250 चिकित्सकों की टीम, 20 चिकित्सा शिविर, 180 बेड आरक्षित।
-आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित, जैसे एंटी-वेनम, टिटनेस के टीके, दर्द निवारक ट्यूब, बैंडेज इत्यादि।
सड़क, शिविर और नियंत्रण कक्ष व्यवस्था
• पीडब्ल्यूडी ने आश्वस्त किया कि सभी प्रमुख मार्ग 30 जून तक गड्ढामुक्त कर दिए जाएंगे।
• मुख्य कंट्रोल रूम सहित 50 वॉच टावर और 165 शिविरों की निगरानी व्यवस्था।
• मुख्य स्थान: मुरादनगर गंगनहर घाट, दूधेश्वरनाथ मंदिर, दिल्ली गेट देवी मंदिर, सुराना शिव मंदिर।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी
• 180 सीसीटीवी कैमरे, पीए सिस्टम, मॉक ड्रिल और रेलवे फाटक पर विशेष प्रबंधन।
• गंगनहर पुल पर 07 गोताखोर और 02 नावें तैनात होंगी।
• मांस/मदिरा की दुकानों को यात्रा मार्ग से हटाने के निर्देश।