काजीपुरा तालाब को गंदगी से मिली मुक्ति, जल संरक्षण की नई पहल

• 40 डंपर गंदगी साफ, सीएसआर के तहत 15 लाख की लागत से चल रहा कार्य
• गाजियाबाद का काजीपुरा बना जल संरक्षण का रोल मॉडल
• 40 डंपर गंदगी निकाली, 200 पौधे लगाए जाएंगे, बीच में बनेगा पक्षियों का टापू

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम की ओर से जल संरक्षण की दिशा में की जा रही कोशिशें अब जमीन पर नजर आने लगी हैं। काजीपुरा ग्राम स्थित एक एकड़ क्षेत्रफल वाले तालाब का कायाकल्प किया जा रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अगुवाई और महापौर सुनीता दयाल की दूरदर्शिता के चलते यह कार्य जन भागीदारी और सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के सहयोग से संभव हो पा रहा है। इस अभियान में सिर्फ एक तालाब की सफाई नहीं हो रही, बल्कि एक पूरे समाज में जल के प्रति चेतना और जिम्मेदारी को भी जागृत किया जा रहा है। तालाब की सफाई के दौरान अब तक करीब 40 डंपर सिल्ट और कचरा निकाला जा चुका है। इस गंदगी की वजह से न केवल जल स्रोत दूषित हो रहा था, बल्कि आस-पास के लोगों को दुर्गंध, मच्छर और बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा था। अब तेजी से सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है।

तालाब के चारों ओर फेंसिंग, सुंदर पाथवे, और सबसे अनोखी पहल बीच में पक्षियों के लिए टापू तैयार किया जा रहा है, जिससे जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। मुंबई की सीता प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 15 लाख रुपये की लागत से इस परियोजना में सीएसआर के तहत योगदान दिया है। यह सरकारी और निजी साझेदारी का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एक साझा प्रयास किसी समुदाय की तस्वीर बदल सकता है। पार्षद पवन गौतम ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से इस तालाब की दुर्दशा से परेशान थे। अब जब कार्य शुरू हुआ है, तो स्थानीय जनता भी उत्साहित है और सहयोग कर रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट किया कि यह पहल सिर्फ एक तालाब तक सीमित नहीं है। नगर निगम अब अन्य गांवों के तालाबों की भी सफाई और सौंदर्यीकरण की योजना पर काम कर रहा है। जल स्रोतों को जीवित रखना सिर्फ प्रशासन नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि तालाब के पानी को शोधित और स्थायी रूप से स्वच्छ बनाए रखने के लिए चैंबर सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। ग्रामवासियों को भी स्वच्छता और रखरखाव में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पॉन्डमैन रामवीर तंवर

तालाबों को जीवित रखना ज़रूरी
प्रसिद्ध पर्यावरण योद्धा पॉन्डमैन रामवीर तंवर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर तालाब की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामवासियों को तालाबों के महत्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा, तालाब सिर्फ जल स्रोत नहीं होते, ये एक पूरे पारिस्थितिक तंत्र की रीढ़ होते हैं। अगर इन्हें बचाया नहीं गया तो आने वाली पीढिय़ां जल संकट से जूझेंगी।

सुनीता दयाल, महापौर

गाजियाबाद नगर निगम केवल सफाई तक सीमित नहीं है, हम जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध हैं। काजीपुरा तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण से न सिर्फ पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण भी मिलेगा। मानसून से पहले इस तरह के प्रयास वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देंगे और भूजल स्तर को सुधारने में मदद करेंगे। हमारी योजना है कि इस तरह के कार्य अन्य क्षेत्रों में भी दोहराए जाएं।
सुनीता दयाल
महापौर, गाजियाबाद

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

काजीपुरा ग्राम स्थित तालाब की सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य सीएसआर के माध्यम से शुरू किया गया है, जो जल संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम है। लगभग 40 डंपर कूड़ा और सिल्ट हटाया जा चुका है। तालाब को सुरक्षित, सुसज्जित और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से उपयोगी बनाने के लिए फेंसिंग, पाथवे, टापू और पौधारोपण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि इस मॉडल को अन्य ग्रामों में भी लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जा सके। तालाबों को जीवित रखना केवल प्रशासन नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त, गाजियाबाद