-उप कृषि निदेशक एवं किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत डीएम ने ली बैठक
गाजियाबाद। जिले के किसानों की समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह 10 से 12 बजे तक बैठकर सुनने के बाद उनका निस्तारण करें। बुधवार को विकास भवन दुर्गावती देवी सभागार में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने किसान दिवस पर अधिकारियों एवं किसानों के साथ बैठक कर अधिकारियों को यह निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक एवं किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी ली। उन्होंने किसानों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने कार्यालय में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण करें। जन सुनवाई पंजिका में समस्या एवं समाधान भी दर्ज करें। जिलाधिकारी ने भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह, ओमपाल सिंह, भाकियू के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह आदि किसानों एवं सीडीओ, एडीएम प्रशासन रण विजय सिंह,एडीएम एलए श्याम अवध चौहान,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉॅ. महेश कुमार, उपनिदेशक कृषि राम जतन मिश्रा आदि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के संबंध में अवगत कराया।

उन्होंने किसानों से प्राप्त शिकायतों का संबंधित अधिकारियों को प्रेषित करते हुए निस्तारण के निर्देश दिए। उप निदेशक कृषि रामजतन मिश्रा ने किसानों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किश्तें प्राप्त न होने के तीन प्रमुख कारण है। इनमें ईकेवाईसी न होना,एनपीसीआई न होना,भूमि सीडिंग न होना है। किसान ईकेवाईसी को जन सुविधा केंद्र और एनपीसीआई को इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक में खाता खुलवाकर और भूमि सीडिंग तहसील में करा सकते हैं। अगर किसानों को समस्या होती है तो वह उप निदेशक कृषि के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने किसानों की समस्याओं के निस्तारण की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने कार्यालय में जन समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण करें। पंजिका में समस्या एवं समाधान दर्ज करें।इसमें किसान का नाम, पता, समस्या की स्थिति एवं समाधान दर्ज करें।















