शराब माफियाओं के खेल पर प्रहार, लखनऊ आबकारी विभाग ने रचा नया उदाहरण

  • करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में तस्करों की बड़ी चालाकी फेल
  • हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही लाखों रुपये की अवैध शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
  • लखनऊ टीम ने वाहन और शराब जब्त कर तस्करों पर दर्ज किया मुकदमा
  • अवैध शराब की रोकथाम के लिए लगातार चल रही सघन छापेमारी और निगरानी
  • नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में आबकारी विभाग की प्रभावी कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप

उदय भूमि संवाददाता

लखनऊ। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक गलियारों में जोश और हलचल बढ़ गई है। इस बीच शराब माफिया भी चुनाव के अवसर पर अपनी कमाई के नए रास्ते तलाशने में जुट गया है। लेकिन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आबकारी विभाग ने अपनी सघन रणनीति और सतर्कता से तस्करों की चालाकी को ध्वस्त कर दिया है। आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान और उनकी टीम ने लगातार प्रभावी निरीक्षण और छापेमारी के जरिए अवैध शराब तस्करी पर रोक लगाने में सफलता हासिल की है। अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह, राहुल सिंह, अभिषेक सिंह, शिखर मल्ल और प्रवर्तन टीम के संजीव व प्रदीप ने एक सघन छापेमारी के दौरान बड़ी कार्रवाई की। टीम ने किसान पथ पर नाका लगाकर एक किआ सोनाट कार को रोका, जिसमें 473 बोतल गैर-प्रांतीय अवैध शराब बरामद हुई। बरामद शराब की कीमत करीब दो लाख रुपये है। शराब की खेप हरियाणा से बिहार भेजी जा रही थी और तस्कर मुरादाबाद होते हुए सीतापुर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गौरखपुर होते हुए सीधे बिहार ले जाने की योजना बना रहे थे। वहीं बिहार में शराब पहुंचाने के लिए तस्करों को एक चक्कर के पचास हजार रुपये अतिरिक्त मिलते थेे।

तस्कर कार से भागने का प्रयास कर गोसाईगंज के ग्रामीण क्षेत्र में घुस गए, लेकिन लखनऊ आबकारी टीम ने स्थानीय पुलिस और सर्विलांस टीम की मदद से उन्हें कासिमपुर ग्राम के पास पकड़ लिया। पूछताछ में चालक मोहन और किशन ने स्वीकार किया कि यह शराब हरियाणा से बिहार भेजी जा रही थी। मौके से तीन मोबाइल फोन और 2030 रुपये नकद भी बरामद किए गए। बरामद शराब में रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड और अन्य ब्रांड शामिल थे। वाहन और शराब को कब्जे में लेकर तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

आबकारी विभाग की इस सघन कार्रवाई में अधिकारियों ने पूरी योजना के साथ धरातल पर उतरकर कार्रवाई की। करुणेन्द्र सिंह सचान ने बताया कि विभाग लगातार नाका और चेकिंग के माध्यम से अवैध शराब तस्करी पर पैनी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक टीम को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए और अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से पहले ही राजधानी लखनऊ की टीम ने कृष्णा नगर और छितवापुर में दो ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध शराब पकड़ी थी। डालीगंज में लाइसेंसी कम्पोजिट शॉप में अवैध मिलावटी शराब बेचने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वहीं हजरतगंज में टनाटन रेस्टोरेंट में बिना बार लाइसेंस शराब पिलाने पर पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

करुणेन्द्र सिंह सचान के नेतृत्व में आबकारी विभाग ने नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सतत निगरानी और योजना बनाकर तस्करों को लगातार पीछे हटने के लिए मजबूर किया है। उनका कहना है कि आबकारी विभाग केवल कार्रवाई नहीं करता, बल्कि तस्करों की गतिविधियों की पहचान कर पहले ही निपटारा करता है ताकि अवैध शराब का वितरण शुरू होने से पहले ही रोका जा सके। लखनऊ आबकारी विभाग की यह रणनीति न केवल बिहार चुनाव से पहले अवैध शराब तस्करी पर लगाम लगाने में सफल रही है, बल्कि तस्करों के मनोबल को भी तोडऩे में प्रभावी साबित हुई है। अधिकारी लगातार चेकिंग, सर्विलांस और रेड के माध्यम से अवैध शराब की खरीद-फरोख्त और तस्करी पर नजर रख रहे हैं।

करुणेन्द्र सिंह सचान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि विभाग का लक्ष्य न केवल अवैध शराब की तस्करी को रोकना है, बल्कि समाज को शराब के दुष्प्रभाव से बचाना भी है। उन्होंने कहा कि सघन और समय पर कार्रवाई के माध्यम से विभाग ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अवैध शराब तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह लखनऊ आबकारी विभाग की योजनाबद्ध कार्रवाई और सतर्क रणनीति ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब अधिकारी अपने कार्य में ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ उतरते हैं तो अवैध व्यापारियों के लिए कोई जगह नहीं रहती। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान ने कहा कि हमारी टीम अवैध शराब तस्करी के खिलाफ लगातार सतर्क है। चुनावी माहौल में शराब माफिया की गतिविधियों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। हमें हर हाल में यह सुनिश्चित करना है कि अवैध शराब न तो प्रदेश में प्रवेश कर पाए और न ही इसे बेचने की कोई कोशिश सफल हो। टीम के साथ मिलकर हम लगातार निगरानी, छापेमारी और वाहन चेकिंग कर तस्करों की योजनाओं को नाकाम कर रहे हैं। हमारी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करना है।