-सई नदी किनारे लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की संयुक्त टीम ने ध्वस्त किया अवैध शराब का जाल
-दीपावली से पहले आबकारी का सर्जिकल स्ट्राइक, तीन जिलों की संयुक्त टीम ने माफियाओं को घेरा
-सई नदी किनारे तीन जिलों की संयुक्त टीम ने दी दबिश, 80 लीटर कच्ची शराब बरामद, 500 किलो लहन नष्ट
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। दीपावली पर्व जैसे बड़े त्यौहार के मद्देनजर प्रदेशभर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस बार आबकारी विभाग की कार्यवाही का अंदाज कुछ अलग और अनोखा देखने को मिल रहा है। उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में विभाग ने माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए “ट्राइएंगल एक्शन प्लान” की शुरुआत की है। यह कार्यवाही तीन जिलों-लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है, जिसने अवैध शराब के नेटवर्क को तोडऩे में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
दरअसल, इन तीन जिलों की सीमा पर बहने वाली सई नदी लंबे समय से अवैध शराब निर्माण का अड्डा बनी हुई थी। यह नदी जहां एक ओर लखनऊ, वहीं दूसरी ओर उन्नाव और रायबरेली के बीच सीमा बनाती है। इस भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर शराब माफिया वर्षों से यहां अवैध शराब का निर्माण कर एक जिले से दूसरे जिले में उसकी तस्करी कर रहे थे। विभागीय टीमें जब एक जिले की सीमा में कार्रवाई करतीं, तो माफिया दूसरे जिले में भाग जाते थे। लेकिन इस बार राकेश कुमार सिंह ने अपनी रणनीतिक समझ और प्रखर नेतृत्व से शराब माफियाओं की इस चाल पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
दीपावली पर्व को लेकर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत उप आबकारी आयुक्त ने गुरुवार को तीनों जिलों की टीमें एक साथ गठित कर सई नदी किनारे छापेमारी का प्लान तैयार किया। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई इस संयुक्त कार्यवाही में लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की आबकारी टीमें एक साथ मौके पर पहुंचीं और कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस ट्राइएंगल एक्शन का नतीजा यह हुआ कि शराब माफियाओं को भागने तक का मौका नहीं मिला। लखनऊ जनपद से आबकारी निरीक्षक राम श्याम त्रिपाठी, आबकारी निरीक्षक राहुल सिंह और आबकारी निरीक्षक अखिलेश कुमार, उन्नाव जनपद से आबकारी निरीक्षक निशांत सिंह तथा रायबरेली जनपद से आबकारी निरीक्षक रॉबिन आर्या की संयुक्त टीमों ने सई नदी किनारे जंगल क्षेत्र, बगीचों के किनारे और झाडिय़ों के बीच बने अस्थायी ठिकानों पर छापेमारी की। दबिश में करीब 80 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई जबकि लगभग 500 किलोग्राम लहन (शराब बनाने का मिश्रण) मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली में सई नदी किनारे की यह ट्राइएंगल कार्रवाई उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह की रणनीतिक सोच और करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। इस संयुक्त अभियान ने न केवल माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ा है, बल्कि दीपावली से पहले आमजन को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है।
छोटी मात्रा, बड़ा संदेश- माफियाओं में दहशत
हालांकि बरामद शराब की मात्रा कम थी, मगर विभाग की इस कार्यवाही ने शराब माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है। लगातार हो रही दबिशों से अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में अब यह भय व्याप्त हो गया है कि विभाग इस बार उन्हें छोड़ने वाला नहीं है। उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह की कार्यशैली हमेशा से सख्ती और रणनीति के लिए जानी जाती है। वह न केवल अपने नेटवर्क से शराब माफियाओं की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं बल्कि हर अभियान में तकनीक, गुप्त सूचना तंत्र और स्थानीय खुफिया टीमों का समन्वय करते हैं।
हमारा उद्देश्य केवल पकडऩा नहीं, रोकथाम भी है: करुणेन्द्र सिंह
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में की गई। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सिर्फ अवैध शराब पकडऩा नहीं, बल्कि ऐसे नेटवर्क की जड़ों को खत्म करना है ताकि दीपावली पर्व पर किसी भी अप्रिय घटना की संभावना समाप्त हो सके। सई नदी किनारे की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि अवैध शराब के कारोबारियों को अब कहीं छिपने की जगह नहीं बचेगी। उन्होंने बताया कि इस कार्यवाही में लखनऊ क्षेत्र-3 के निरीक्षक राम श्याम त्रिपाठी, सेक्टर-11 के निरीक्षक राहुल सिंह, क्षेत्र-2 के निरीक्षक अखिलेश कुमार, उन्नाव क्षेत्र-4 के निरीक्षक निशांत सिंह और रायबरेली क्षेत्र-2 के निरीक्षक रॉबिन आर्या की टीमें शामिल रहीं। सभी टीमों ने अपने-अपने सेक्टरों में गहन सर्च अभियान चलाया और संदिग्ध स्थलों पर दबिश दी।
24 घंटे हाईवे पर चेकिंग, बाहरी शराब पर नजर
उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर दीपावली से पहले बाहरी राज्यों से शराब की तस्करी को रोकने के लिए हाईवे, राजमार्ग और राष्ट्रीय मार्गों पर 24 घंटे चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। आबकारी टीमें वाहनों की सघन तलाशी लेकर हर आने-जाने वाले वाहन पर पैनी निगाह रखे हुए हैं।
राकेश कुमार सिंह की “स्मार्ट पॉलिसिंग” का नतीजा
यह पहला मौका नहीं है जब राकेश कुमार सिंह ने इस तरह की “ट्राइएंगल स्ट्रेटेजी” अपनाई हो। उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो इंटेलिजेंस आधारित एक्शन और तुरंत रेस्पॉन्स सिस्टम पर भरोसा रखते हैं। चाहे जनपदों की संयुक्त टीमें बनाना हो या ड्रोन सर्विलांस और सूचना तंत्र का उपयोग, वे हर स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में जुटे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, दीपावली तक इस अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि अवैध शराब का कोई भी नेटवर्क सक्रिय न रह सके।

उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार
दीपावली जैसे बड़े पर्व पर प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है। अवैध शराब न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आमजन के जीवन के लिए भी खतरा है। सई नदी क्षेत्र में तीन जिलों की संयुक्त टीम द्वारा की गई ट्राइएंगल कार्रवाई हमारा यह स्पष्ट संदेश है कि अवैध कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आबकारी विभाग की हर टीम को निर्देश दिए गए हैं कि नेटवर्क के हर छोर तक पहुंचकर इन माफियाओं की जड़ों को समाप्त किया जाए। हमारी कोशिश है कि दीपावली का पर्व पूरी तरह सुरक्षित और नशामुक्त माहौल में संपन्न हो।
राकेश कुमार सिंह
उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार

जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ।
आबकारी विभाग की टीम द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। साथ ही लोगों को भी अवैध शराब के विरुद्ध जागरूक किया जा रहा है। लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की टीमों के साथ मिलकर सई नदी किनारे सघन अभियान चलाया। दबिश के दौरान 80 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई और लगभग 500 किलो लहन को मौके पर नष्ट किया गया। हमारा उद्देश्य केवल अवैध शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी ठिकानों को समाप्त करना है जहां से यह कारोबार पनपता है। दीपावली तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि किसी भी व्यक्ति को अवैध शराब से कोई खतरा न हो। टीम द्वारा कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।
करुणेन्द्र सिंह
जिला आबकारी अधिकारी
लखनऊ।

















