सीडीओ की अध्यक्षता में कृषि विज्ञान केन्द्र में गोष्ठी का आयोजन
गाजियाबाद। कृषि सूचना तंत्र के सुद्धढीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम अन्तर्गत कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी एवं त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम अंतर्गत मक्का खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र मुरादनगर के प्रांगण में आयोजित किया गया। उपरोक्त गोष्ठी में डॉ तुलसा रानी ने उर्वरक प्रबंधन के सम्बन्ध में मिट्टी की जांच कराकर उर्वरक संस्तुति के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए कृषकों को जागरूक किया। डॉ पल्लवी चौधरी ने गन्ने के साथ दलहनी एवं तिलहनी फसलों की सहफसली खेती करने के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी कृषकों को दी और अवगत कराया कि सहफसली खेती करने से मृदा की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। सहफसली खेती में ऐसी फसलों का चयन किया जाए जो कम समय में हो जाती है।
सहफसली खेती में गन्ने के साथ प्याज, लहसुन, टमाटर, लोविया आदि की फसलों को उगाया जा सकता है। डॉ सरिता जोशी ने कृषकों को अवगत कराया कि मोटा अनाज अन्न को पोषक अन्न के नाम से जाना जाता है तथा कृषकों से अनुरोध किया कि इसको अपनी कृषि में अवश्य सम्मिलित करें। अन्य अनाजों की फसलों की अपेक्षा इनसे ज्यादा पोषक तत्व प्राप्त होते है, जिससे बीमारियों से बचा जा सकता है और इसमें लाभ भी अधिक है। कृषक देवेन्द्र ग्राम मिलक रावली एवं जयवीर सिंह ग्राम सुराना ने मधुमक्खी पालन एवं मल्टी लेयर फसलें उगाने के अपने अनुभवों को अन्य कृषकों से साझा करें। सीडीओ द्वारा कृषकों से सुझाव एवं शिकायत के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि कृषक अपनी शिकायत सम्बन्धित अधिकारियों या उप कृषि निदेशक के माध्यम से लिखित रूप में प्रस्तुत करें। उपस्थित जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कृषकों की शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। यदि किसी शिकायत का जनपद स्तर पर निराकरण नही हो पाता है तो उसके सम्बन्ध में अधोहस्ताक्षरी द्वारा शासन को पत्र संबंधित अधिकारी द्वारा प्रेषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अन्य फसलों के सापेक्ष मक्का की खेती से शारीरिक व आर्थिक लाभ अधिक है। अन्य अनाजों की फसलों की अपेक्षा इनसे ज्यादा पोषक तत्व प्राप्त होते है, जिससे बीमारियों से बचा जा सकता है और इसमें लाभ भी अधिक है। उपरोक्त गोष्ठी में हरीश कुमार महा प्रबन्धक इफ्को, एसपी पाण्डे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गीता देवी महा प्रबंधक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड, डॉ तुलसा रानी, डॉ पल्लवी चौधरी, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ सरिता जोशी, डॉ सीके गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला कृषि सूचना अधिकारी आदि अधिकारियों एवं लगभग 336 कृषकों द्वारा गोष्ठी में प्रतिभाग किया गया। इस कार्यकम में विभिन्न विभागों एवं निजी विक्रेताओं द्वारा 20 स्टॉल भी लगाए गए।

















