-जीडीए प्रवर्तन टीम ने बुलडोजर से हटाए अवैध निर्माण, नियम तोडऩे वालों को दी कड़ी चेतावनी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की प्रवर्तन टीम ने शनिवार को इंदिरापुरम में बगैर नक्शा स्वीकृत किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर और सीलिंग की कार्रवाई की। इस कार्रवाई में कई निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया, जबकि कुछ बिल्डिंगों पर सील लगाकर उन्हें नियमों के तहत रोका गया। यह अभियान जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर शहर में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। जीडीए प्रवर्तन जोन-6 के प्रभारी आलोक रंजन के नेतृत्व में सहायक अभियंता पीयूष कुमार सिंह, अवर अभियंता कृष्ण गोपाल शर्मा, और अवर अभियंता वीके पांडेय ने टीम का नेतृत्व किया। जीडीए पुलिस बल की मौजूदगी में दूसरे दिन भी इंदिरापुरम क्षेत्र में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
अभयखंड-1 के भूखंड संख्या-45ए पर बगैर नक्शा स्वीकृत किए जा रहे निर्माण को बुलडोजर से पूरी तरह ध्वस्त किया गया। वहीं, नीतिखंड-1 के भूखंड संख्या-567 और शक्तिखंड-2 के भूखंड संख्या-23 पर बनी अवैध बिल्डिंगों को सील किया गया। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने नियम तोडऩे वालों को चेतावनी दी कि किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। जीडीए प्रवर्तन अधिकारी आलोक रंजन ने बताया कि हमारा उद्देश्य केवल अवैध निर्माण को हटाना ही नहीं, बल्कि नगर नियोजन के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इंदिरापुरम क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन की सूचना मिलने पर हमारी टीम ने सख्त कार्रवाई की है।
कोई भी व्यक्ति बगैर नक्शा स्वीकृत किए निर्माण नहीं कर सकता। भविष्य में ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी सहयोग किया और नगर में नियमों के पालन के लिए प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उनके अनुसार, लंबे समय से कुछ लोग बगैर स्वीकृति के निर्माण कर रहे थे, जिससे न केवल नगर की योजना प्रभावित हो रही थी बल्कि सड़क और मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बन रहा था।
जीडीए प्रवर्तन टीम का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और पूरे इंदिरापुरम क्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन बिल्डिंगों को सील किया गया है, उन पर किसी प्रकार की गतिविधि नहीं की जा सकती, और अगर नियमों का उल्लंघन होता है, तो निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई तुरंत की जाएगी।
















