-मेरठ मंडल की मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे.ने जीडीए बोर्ड बैठक में दी मंजूरी
-जीडीए को होगी करीब 600 करोड़ आय, आवासीय और वेयरहाउस की आएगी योजना
गाजियाबाद। आखिर लंबी जद्दोजहद और कवायद के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के मास्टर प्लान-2031 को मंजूरी मिल गई। शुक्रवार को मेरठ में मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार में हुई जीडीए की 166वीं बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान-2031 को मंजूरी दे दी गई। नया मास्टर प्लान अब पूरे जिले में लागू होगा। नए मास्टर प्लान को अब लखनऊ में शासकीय समिति के समक्ष भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इसका प्रेजेंटेशन होगा। उसके बाद इस पर संस्तुति होने पर इसे जिले में लागू कर दिया जाएगा। नया मास्टर प्लान लागू होने के बाद जीडीए को भी करीब 600 करोड़ रुपए की आय नक्शा स्वीकृति करने से हो सकेगी। मास्टर प्लान-2031 के लागू होने से गाजियाबाद, डासना, मुरादनगर, मोदीनगर और लोनी क्षेत्र में करीब 130 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग बदलकर उसे विकसित किया जा सकेगा। इस कृषि भू-उपयोग को बदलकर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक किया जाएगा,ताकि जीडीए क्षेत्र का विस्तार हो सके और यहां वेयरहाउस,लॉजिस्टिक पार्क,ट्रांसपोर्ट नगर आदि योजनाएं लाई जा सके।
शुक्रवार को मेरठ में मंडलायुक्त सभागार में दोपहर 1.30 बजे से मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे.की अध्यक्षता में जीडीए की 166वीं बोर्ड बैठक हुई। बोर्ड बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह, जीडीए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, प्रभारी चीफ इंजीनियर मानवेंद्र कुमार सिंह, एनसीआर सेल के चीफ टाउन प्लानर एससी गौड़, जीडीए टाउन प्लानर अरविंद कुमार, नोएडा के एडीएम प्रशासन अतुल कुमार, एडीएम प्रशासन विवेक मिश्रा, जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल आदि उपस्थित रहे।
बोर्ड बैठक में मंडलायुक्त ने रखे गए 5 प्रस्तावों पर विचार विमर्श कर उन्हें स्वीकृति दे दी गई है। इसमें मुख्य रूप से मास्टर प्लान-2031 का प्रस्ताव पास किया गया। इसमें शासकीय समिति द्वारा बताए संशोधन किए हैं। इसमें मुख्य रूप से मेट्रो रेड व ब्लू लाइन के किनारे ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट(टीओडी)जोन घोषित करते हुए उसे मास्टर प्लान-2031 में शामिल कर दिया गया। मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर के दोनों ओर टीओडी जोन की सुविधा मिल सकेगी। इन रूट के दोनों ओर 500-500 मीटर तक मिश्रित भू-उपयोग करते हुए पांच फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) दिया जा सकेगा। एक भूखंड पर आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियां हो सकेंगी। साथ ही अन्य संशोधन भी किए गए हैं। नया मास्टर प्लान लागू के बाद आगामी 10 वर्ष के दौरान विस्तार हुए जीडीए क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।
नए मास्टर प्लान में गाजियाबाद, डासना में 50 हेक्टेयर, मोदीनगर, मुरादनगर में 60 हेक्टेयर, लोनी में 20 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग बदलकर आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने को शामिल किया गया है। ताकि जिले का सुनियोजित तरीके से विकास किया जा सके। इसमें हर संपत्तियों, घर, दुकान आदि को एक यूनिक आईडी मिलेगी। यह पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म होगा। इसके अलावा बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष-2024-25 के आय-व्यय में राजस्व व्यय की कुल अनुमानित धनराशि 25900 लाख को यथावत रखा गया। ट्रेनिंग वर्क शॉप और कंसल्टेंसी में 350 लाख रुपए व रजिस्ट्रेशन मनी में 1800 लाख,व्यय की अनुमोदित धनराशि 96756 लाख को रखा गया। कार व जीप खरीदने के लिए 75 लाख रुपए,मेट्रो में 34450 लाख रुपए का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इसके अलावा जीडीए से सेवानिवृत्त दिनेश, सुरेंद्र कौशिक को पेंशन आदि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।
मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद मकानों का पूरा होगा सपना
मास्टर प्लान-2031 में सबसे अधिक आवासीय क्षेत्र को जगह दी गई है। इससे जनपद में लोगों को घर मिल सकेगा। मास्टर प्लान में 39.85 फीसदी क्षेत्र आवासीय रहेगा। जबकि 19.8 फीसदी मनोरंजन,16.8 फीसदी परिवहन, 10.1 फीसदी औद्योगिक, 9.2 फीसदी पब्लिक, सेमी पब्लिक उपयोग, 2.4 फीसदी मिश्रित भू-उपयोग, 2.09 फीसदी व्यावसायिक क्षेत्र है।



















