-गेमिंग एप में डूबे पैसों को वापस लेने के लिए किया था अपहरण
गाजियाबाद। चिपियाना आरओबी के पास एनएच-9 पर गुरुवार रात चिपियाना निवासी प्रवीण का कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। अपहर्ताओं ने पहले योजना के तहत युवक की कार में टक्कर मारी और फिर झगड़ा किया। झगड़े के दौरान उन्होंने युवक को अपनी कार में डाल लिया और बंधक बनाकर ले गए। विजयनगर थाना पुलिस को युवक की स्मार्टवॉच से लोकेशन मिलने पर घटना के 24 घंटे बाद ही युवक को मथुरा से सकुशल बरामद कर लिया, मौके से दो अपहर्ता भी बरामद हैं। अपहरणकर्ताओं ने गेमिंग ऐप में डूबे रुपये को वापस लेने के लिए यूट्यूबर का अपहरण किया था। डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि मामले में कुल छह अभियुक्त बनाए गए हैं, बाकी चार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही हैं। डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि प्रवीण अच्छा यू- टयूबर और उसके चैनल पर काफी फालोअर है और उसके अच्छी खासी आमदनी होती है, इसके अलावा प्रवीण गेमिंग एप का संचालन भी करता था। दिल्ली के रहने वाले एक युवक के करीब ड़ेढ़ करोड़ रुपये एप में लगाने पर डूब गए थे। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर प्रवीण के अपहरण की योजना बनाई। प्रवीण चौधरी बृहस्पतिवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे अस्पताल में भर्ती अपने पिता को देखने फॉर्च्यूनर कार से निकला था।
जब वह एबीईएस के सामने स्थित इंडियन आयल के पेट्रोल पंप के पास पहुंचा तो सामने से एक इको स्पोर्टस कार रुकी।कार सवार युवकों ने प्रवीण को धमकाया कि देखकर नहीं चलता, कार में टक्कर मारेगा क्या। इस पर प्रवीण ने कार से उतरकर देखा, लेकिन कार में टक्कर तो लगी ही नहीं, सुनकर इको स्पॉर्ट्स सवार युवकों ने कहा, अच्छा जबान लड़ाता कहते हुए मारपीट करने लगे और अपने कार में उसे डालकर फरार हो गए। युवकों ने प्रवीण को अपने कार में डालते ही कार दौड़ा दी। प्रवीण चौधरी को बदमाश अपने साथ मथुरा ले गए। रास्ते में प्रवीण के साथ मारपीट की गई। करीब तीन घंटे तक जब प्रवीण घर से अस्पताल नहीं पहुंचा तब परिजनों ने उसकी जानकारी करने के लिए फोन मिलाया, लेकिन फोन बंद मिला। उन्हें अनहोनी का डर सताने लगाने लगा। काफी ढूंढभाल करने के बाद भी प्रवीण का कहीं कुछ नहीं चला तो शाम को करीब पांच बजे उन्हें विजयनगर थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस को प्रवीण के परिजनों ने ही बताया कि प्रवीण के पास स्मार्टवाच है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने उसकी स्मार्टवॉच की लोकेशन निकाली, लोकेशन मथुरा में फरह थानाक्षेत्र की मिली।
पुलिस का कहना है कि मथुरा पुलिस के सहयोग से पीडि़त को कार समेत सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने प्रवीण की फॉर्च्यूनर कार से गौर सिटी निवासी मनीष को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपित मथुरा के फरह थानाक्षेत्र के गढ़ी बैरी निवासी सुरेंद्र उर्फ सौरभ को मथुरा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा है। पुलिस का कहना है कि मामले में चार आरोपित अभी फरार हैं। एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि अभियुक्त मनीष ने बताया कि प्रवीण एक अच्छा यूटयूबर है, उसके पास बहुत पैसा है, उसके तीन लाख सब्सक्राइबर हैं। प्रवीण ने इंस्टाग्राम पर तिरंगा गेमिंग एप का प्रमोशन किया था।
मनीष के कहने पर दिल्ली के रहने वाले राहुल गुप्ता ने एप में रुपये लगाए थे, जिनमें राहुल के करीब डेढ़ करोड़ रुपये डूब गए थे। इस रकम की वसूली के लिए राहुल के कहने पर प्रवीण चौधरी के अपहरण की योजना बनाई थी। अपहरण में मनीष, सुरेंद्र, राहुल गुप्ता, मथुरा निवासी पुष्पेंद्र, हितेश चौधरी और मनोज शामिल थे। मनीष और सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है, बाकी अभी फरार हैं। पीडि़त प्रवीण ने बताया गाजियाबाद से मथूरा तक पूरे रास्ते उसके साथ मारपीट की गई। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि उसके साथ करीब दो घंटे तक लगातार मारपीट की जाती रही। इस दौरान पिस्टल दिखाकर गोली मारने की धमकी भी दी गई और 50 लाख रुपये की मांग की गई।
















