गाजियाबाद। नगर निगम के अधिकारियों द्वारा शहरवासियों पर डीएम सर्किल रेट से हाउस टैक्स बढ़ाने और नोटिस भेजकर नियम विरूद्ध वसूली करने का दबाव बनाए जाने को लेकर महापौर सुनीता दयाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं भाजपा संगठन के प्रमुख लोगों को इसके विरोध में पत्र भेजा है।
महापौर ने आरोप लगाया कि नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के आदेश पर नगर निगम के अधिकारी डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। शहरवासियों को नोटिस भेजकर नियम विरूद्ध बढ़ाए गए हाउस टैक्स को जमा करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियम विरूद्ध बढ़ी हुई दरों से संपत्ति कर जमा कराने के लिए शहर में लगातार माइक से अनाउंसमेंट भी कराया जा रहा है, जिससे कि शहर की जनता में भय का माहौल उत्पन्न हो रहा है। इसकी वजह से केंद्र और प्रदेश सरकार के विरूद्ध शहर में खराब माहौल बन रहा है। महापौर ने मुख्यमंत्री एवं संगठन के प्रमुख लोगों को इसको लेकर पत्र लिखा है।
महापौर ने बताया कि इस विषय पर नगर निगम सदन की बैठक में 7 जनवरी 2023 के प्रस्ताव संख्या-501 के तहत सदन के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था। जबकि पूर्व की नगर निगम सदन की बैठक में प्रतिवर्ष हाउस टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसी प्रस्ताव के आधार पर ही इस वर्ष का हाउस टैक्स भी 10 प्रतिशत अर्थात 5 प्रतिशत प्रत्येक वर्ष बढ़ाया जाए। इस प्रस्ताव पर सदन में सभी पार्षदों द्वारा कहा गया कि सदन के पूर्व निर्णय के अनुसार ही हाउस टैक्स 10 प्रतिशत बढ़ाया जाए। उक्त प्रस्ताव उसी वित्तीय वर्ष में लागू हो गया था। नगर निगम अधिनियम-1959 की धारा-174 (2) के खंड (ख) की व्यवस्था के अनुसार नगर आयुक्त द्वारा प्रत्येक 2 वर्ष में एक बार संपत्ति कर की दरें निर्धारित की जा सकती है।
ऐसे में 31 मार्च 2025 तक हाउस टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा सकती है। इसकी पुष्टि के लिए 9 जनवरी 2024 को हुई नगर निगम सदन की बैठक में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा द्वारा सदन को अवगत कराया गया कि विगत वर्ष में हाउस टैक्स में जो 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वह सदन के आदेशानुसार की गई है। वर्तमान में हाउस टैक्स में जो भी वृद्धि हो रही है, महापौर ने बताया कि इस मामले में स्वयं मैं और सभी मंत्री, सांसद, विधायक तथा पार्षदों द्वारा एक मत होकर हाउस टैक्स की दरों में बढ़ोत्तरी का विरोध कर रहे है। कहा कि वर्तमान में गाजियाबाद शहर सीट पर उपचुनाव होना है। महापौर ने मुख्यमंत्री एवं संगठन के प्रमुख लोगों को पत्र लिखकर नगर निगम अधिकारियों द्वारा डीएम सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स में वृद्धि पर रोक लगाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है, ताकि शहर की जनता पर हाउस टैक्स के रूप में अतिरिक्त भार न पड़े।
















