जीडीए कार्यालय को हाईटेक बनाने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष की पहल

-हटाए जाएंगे जीडीए के विभिन्न अनुभाग के कमरों में सालों पुराने फर्नीचर
-जीडीए कार्यालय में सिर्फ केबिन में बैठेंगे एक्सईन, खुले में बैठेंगे एई,जेई व लिपिक
-कार्यालय में साफ-सफाई के साथ कार्यप्रणाली में भी आएगा सुधार

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) कार्यालय आने वाले कुछ दिनों में बदला-बदला हुआ सा नजर आएगा। जीडीए कार्यालय को हाईटेक बनाने के लिए जीडीए उपाध्यक्ष की यह अच्छी पहल है। कार्यालय में साफ-सफाई के साथ कार्यप्रणाली में भी सुधार देखने को मिलेंगे। अब जीडीए के विभिन्न अनुभाग के कमरों में सालों पुराने फर्नीचर के बने केबिन अब नहीं दिखाई देंगे। इनमें अभी तक बंद केबिन में बैठने वाले सहायक अभियंता, अवर अभियंता और बाबू व कंप्यूटर ऑपरेटर अब खुले कमरे में ही कमरे में बैठे नजर आएंगे। सिर्फ अधिशासी अभियंता ही केबिन में बैठेंगे। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर अब फर्नीचर के बने केबिन को हटाकर कमरों को खुला करने का काम किया जा रहा हैं। इनमें बैठने वाले अधिकारी से लेकर बाबुओं को अब खुले कमरे में ही बैठकर अपना काम करना होगा।

जीडीए में सिर्फ अधिशासी अभियंता व अधिकारियों के कक्ष के साथ केबिन ही रहेंगे। इसके अलावा बेसमेंट से लेकर प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल पर बने फर्नीचर से केबिन को खुला करने के लिए उनका केबिन हटाया जा रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर कार्यालय के कमरों को खुला किए जाने और पुराने फर्नीचर को हटाने के लिए इस पर करीब 40 लाख रुपए खर्च होगा। उसके बाद इन्हें कमरे को नया रूप देते हुए बेहतर तरीके से बनाया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का कहना है कि इंजीनियरों के अलावा वरिष्ठ लिपिक समेत अन्य सभी अभी तक केबिन में बैठकर काम करते है। जबकि बाबुओं के लिए बंद केबिन के बाहर बैठने की व्यवस्था है।

यह व्यवस्था बदली जा रही है। इसलिए पुराने फर्नीचर को हटाए जाने के निर्देश दिए गए है। इससे कार्यालय में साफ-सफाई रहने के साथ-साथ कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा। सिर्फ अधिशासी अभियंता के लिए ही केबिन बने रहेंगे। बाकी सहायक अभियंता,अवर अभियंता समेत वरिष्ठ लिपिक व बाबुओं और कंप्यूटर ऑपरेटर अनुभाग के अनुसार तरीके से कमरों में खुले में बैठने की व्यवस्था कराई जा रही हैं। ताकि पारदर्शिता के साथ कार्यालय में काम पूरा कराए जा सकें।