-आपत्तियों एवं सुझावों पर जीडीए सभागार में निस्तारण को लेकर कमेटी के समक्ष हुई सुनवाई
-आपत्तियों का जल्द ही निस्तारण करन मास्टर प्लान-2031 में शामिल करने की प्रक्रिया होगी शुरू
गाजियाबाद। मेट्रो ट्रेन के रेड व ब्लू लाइन कॉरिडोर के 500-500 मीटर के दायरे में जीडीए द्वारा ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन घोषित किए जाने को लेकर इस पर मांगी आपत्तियों एवं सुझावों का मंगलवार को जीडीए सभागार में निस्तारण करने को लेकर कमेटी के समक्ष सुनवाई की गई। शासन से नामित समिति में जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार, मंडलायुक्त की प्रतिनिधि के रूप में अपर आयुक्त मेरठ, एनसीआर सेल के सीएटीपी एससी गौड़, एडीएम एलए विवेक मिश्रा, नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, नगर पालिका परिषद लोनी के अधिशासी अधिकारी केके मिश्रा व नगर पालिका परिषद मोदीनगर के अधिशासी अधिकारी नरेंद्र मोहन आदि अधिकारी के अलावा आपत्तिकर्ता एवं सुझावकर्ता भी उपस्थित हुए।
जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि टीओडी जोन घोषित किए जाने को लेकर कुल 7 आपत्तियां एवं सुझाव आए थे। इन आपत्तियों का समुचित ढंग से निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद शासन को भी अवगत कराया जाएगा। नीतिगत निर्णय लेने के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा। आपत्तियों का जल्द ही निस्तारण करने के बाद इसे मास्टर प्लान-2031 में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि टीओडी जोन पर प्राप्त आपत्तियों में मुख्य रूप से जोनल रोड की चौड़ाई,सीवरेज सिस्टम,जलापूर्ति,पार्किंग आदि सुविधाओं के संबंध में प्राप्त हुई हैं। इनका जोनल प्लान तैयार करते हुए समय से कार्रवाई की जानी है। वर्तमान में मेट्रो ट्रेन के रेड व ब्लू लाइन के 500-500 मीटर किनारे टीओडी जोन घोषित करते हुए सर्वे कर क्षेत्र को चिन्हित किया गया है। इस पर 8 से 22 अगस्त तक लोगोंं से आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे।
जीडीए में इसको लेकर कुल 7 आपत्ति व सुझाव आए है।कमेटी के समक्ष इन आपत्तियों का निस्तारण करने के लिए विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इन आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद फिर इसे मास्टर प्लान-2031 में शामिल करते हुए जीडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इन रूट के दोनों ओर 500-500 मीटर तक मिश्रित भू-उपयोग करते हुए पांच फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर)दिया जा सकेगा। यानि कि एक ही भूखंड पर आवासीय व व्यावसायिक गतिविधियां हो सकेंगी। बहुमंजिला बिल्डिंगों का निर्माण हो सकेगा। इससे जीडीए को नक्शा स्वीकृत करने पर शुल्क के रूप में करोड़ों रुपए की आमदनी हो सकगी। इससे यहां 100 मीटर भूखंंड पर पांच एफएआर निर्माण के लिए मान्य हो सकेगा।
ऐसे में कुल 500 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र में निर्माण किया जा सकेगा। ऐसे में शहीद स्थल न्यू बस अड्डा से दिलशाद गार्डन तक मेट्रो ट्रेन रेड लाइन और वैशाली से कौशांबी तक ब्लू लाइन के किनारे दोनों ओर 8 से 10 मंजिला तक बिल्डिंगों का निर्माण हो सकेगा। इसके साथ ही मकान,ऑफिस,मॉल समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी। बता दें कि जनपद में आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे भी टीओडी जोन घोषित किया जा चुका है। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि मेट्रो ट्रेन रूट के किनारे टीओडी जोन पर आईं आपत्ति व सुझावों का जल्द ही निस्तारण कर दिया जाएगा।
















