लोनी से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि उनकी जानको खतरा है। विधायक ने बताया कि उन्होंने मंत्री, विधायकों और सांसद के साथ मिलकर बैठक की है। बैठक में फैसला हुआ है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो आसपास के विधायक, मंत्री और सांसद भी सुरक्षा नहीं लेंगे।
गाजियाबाद। गनर हटाए जाने से नाराज भाजपा के मंत्री एवं विधायकों ने अब योगी सरकार की पुलिसिंग व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री के आवास पर गाजियाबाद के जनप्रतिनिधियों की हाई लेवल मीटिंग हुई। जिसमें मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का निर्णय लिया गया। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा के आवास पर शुक्रवार की रात में जिले के जनप्रतिनिधियों दो मंत्री, नवनिर्वाचित सांसद एवं विधायकों की हाई लेवल मीटिंग हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप, नवनिर्वाचित सांसद एवं विधायक अतुल गर्ग, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, मुरादनगर विधायक अजितपाल त्यागी, धौलाना विधायक धर्मेश तोमर उपस्थित रहे।
हाई लेवल बैठक में पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्र पर कार्रवाई और अन्य विषयों पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि गाजियाबाद में अपराध में बढ़ोतरी हुई हेै। लेकिन असली गुस्सा विधायकों की सुरक्षा में लगे गनर को हटाए जाने को लेकर है। बैठक में यह तय हुआ कि इस विषय पर मुख्यमंत्री से भेंट की जाएगी और मजबूती से उनके सामने कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के लिए कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा एवं राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप को अधिकृत किया गया। बैठक में दो विषयों पर निर्णय लिया गया। जनप्रतिनिधियों से किए जा रहे दुर्व्यवहार पर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं, यह भी तय हुआ कि कार्रवाई में विलंब हुआ तो जनपद के सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा दोनों विधायक के समर्थन में अपनी सुरक्षा लौटा दी जाएगी और कार्रवाई होने तक पुलिस का जन प्रतिनिधियों द्वारा पूर्ण रूप से बॉयकॉट किया जाएगा। किसी प्रकार की बात नहीं की जाएगी। बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए गए। पुलिस सुरक्षा के मामले में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि उनकी जानको खतरा है। विधायक ने बताया कि उन्होंने मंत्री, विधायकों और सांसद के साथ मिलकर बैठक की है। बैठक में फैसला हुआ है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो आसपास के विधायक, मंत्री और सांसद भी सुरक्षा नहीं लेंगे। जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं है।
















