नगर निगम के कृत्रिम तालाब में होगा मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन

-हिंडन नदी की स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए बसंत पंचमी पर्व पर निगम ने तैयार किए कृत्रिम तालाब
-कृत्रिम तालाब की स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का नगर निगम ने रखा विशेष ध्यान

उदय भूमि
गाजियाबाद। शहर में सभी पर्व को लेकर नगर निगम व्यवस्थाओं में जुटा रहता है। वहीं बसंत पंचमी के पर्व पर शहर की सफाई व्यवस्था व्यवस्थित रहें, इसके लिए नगर निगम ने सरस्वती माता की पूजन के लिए आयोजित कार्यक्रमों में व्यवस्थाओं को संभाले हुए हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार अर्थला स्थित हिंडन विहार में मूर्तियों के विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब की व्यवस्था की है। नगर आयुक्त के इस प्रयास से एक तरफ जहां शहर की सफाई दुरुस्त रहेगी तो वहीं मूर्ति विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं को भी कहीं दूर नहीं जाना पड़ेगा। तालाब की लंबाई 20 मीटर और 20 मीटर चौड़ाई है। स्वच्छता का भी विशेष ध्यान दिया गया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या ना हो और मूर्ति विसर्जन सुरक्षित और सुविधाजनक हो इसके लिए नगर निगम द्वारा व्यवस्था की गई है।

नगर आयुक्त ने बताया हिंडन नदी की स्वच्छता हम सभी की जिम्मेदारी है। जिसमें शासन-प्रशासन तो अपनी भूमिका निभाता है। वही नगर निगम की टीम भी लगातार हिंडन नदी की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए कार्य करती रहती है। जिसमें कई सामाजिक संस्थाएं भी हिंडन नदी की स्वच्छता में अपना सहयोग करती है। मूर्तियों का विसर्जन हिंडन नदी में ना हो या किसी अन्य पूजा सामग्री को भी हिंडन नदी में विसर्जित ना किया जाए, सभी श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है। बसंत पंचमी के अवसर पर सभी को शुभकामनाओं के साथ मूर्तियों का विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाब में ही करें अपील की जा रही है।

नगर आयुक्त लगातार शहर की स्वच्छता के साथ-साथ हिंडन नदी की स्वच्छता के लिए भी शहर को जागरूक कर रहे। कृत्रिम तालाब बनाने में निर्माण विभाग, जलकर विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रकाश विभाग की अहम भूमिका रही है। शहर वासियों को जागरूक करने में जनप्रतिनिधियों की भी अहम भूमिका हिंडन नदी की स्वच्छता में है। नगर निगम द्वारा दशहरा के साथ-साथ अन्य ऐसे त्यौहार जिसमें मूर्ति विसर्जन का चलन है, हर बार कृत्रिम तालाब की व्यवस्था की गई है।