नगर आयुक्त का सुपर प्लान: शहर को धूल और धुएं से मुक्त बनाने की तैयारी, 24 घंटे चलेगा पानी का छिड़काव अभियान

-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में युद्धस्तरीय कार्रवाई, शहरभर में लगातार पानी का छिड़काव
-जलकल, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग 24 घंटे चार शिफ्टों में सक्रिय, रात में भी स्प्रिंकलिंग जारी
-निर्माण स्थलों और घरों से निकलने वाले धूल और कूड़े पर निगरानी, नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
-विशेष निगरानी टीम करेगी प्रदूषण फैलाने वाले स्थानों की पहचान, भट्टियों पर नियंत्रण
-50 वॉटर स्प्रिंकलर और 12 रोड स्वीपिंग मशीनों से धूल-मुक्त होगा गाजियाबाद

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ते वायु प्रदूषण और शहरवासियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने युद्धस्तरीय अभियान शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने 24 घंटे पानी का छिड़काव करने का सुपर प्लान लागू किया है, जिसके तहत शहर की सड़कों, सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट में स्प्रिंकलिंग मशीनें लगातार धूल और धुएं को कम करने का कार्य करेंगी।
नगर आयुक्त ने बुधवार को निगम के सभी संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार की। बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, प्रभारी प्रकाश आश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जलकल, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग 24 घंटे चार शिफ्टों में पानी का छिड़काव करेंगे। अब रात के समय भी शहर के उन क्षेत्रों में पानी का छिड़काव किया जाएगा, जहां धूल और धुएं का स्तर अधिक है।

उन्होंने कहा कि जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं आता, यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। वर्तमान में शहर में कुल 50 वॉटर स्प्रिंकलर मशीनें तैनात की गई हैं। इसमें से 25 मशीनें जलकल विभाग की हैं, 15 स्वास्थ्य विभाग की मल्टी एंटी-स्मोक गन और 5 जेटिंग मशीनें सड़कों पर धूल कम करने के लिए सक्रिय हैं। इसके अतिरिक्त, 12 रोड स्वीपिंग मशीनें भी शहर की सड़कों को स्वच्छ और धूल-मुक्त बनाने में लगी हुई हैं। उद्यान विभाग ने 5 वॉटर टैंकरों के माध्यम से सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।

निर्माण स्थलों और घरों से निकलने वाले कूड़े और धूल पर कड़ी निगरानी
नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण स्थल से धूल न उड़े। इसके लिए नियमित पानी का छिड़काव और कवरिंग अनिवार्य की जाएगी। इसके अलावा घरों से निकलने वाले वेस्ट निर्माण मटीरियल को खुले में डालने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

विशेष निगरानी टीम करेगी प्रदूषण फैलाने वाले स्थानों की पहचान
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी टीम बनाई गई है। यह टीम शहरभर में उन जगहों की पहचान करेगी जहां अधिक धूल उड़ती है या कूड़ा जलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में किसी भी स्थान पर कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही भट्टियों के संचालन पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

स्वच्छता बनाए रखें और निगम के अभियान में सहयोग करें
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने गाजियाबाद के निवासियों से अपील की कि वे शहर को धूल और धुएं से मुक्त बनाने में निगम का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अपने घरों और प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित रूप से पानी का छिड़काव करें, कूड़ा न जलाएं और स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने जोर दिया कि केवल निगम नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है। गाजियाबाद नगर निगम की यह पहल दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक गाजियाबाद के लिए राहत की किरण साबित हो सकती है। निगम की इस ’24&7 वॉटर स्प्रिंकलिंग योजना’ से न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, बल्कि शहरवासियों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का अवसर भी मिलेगा।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

गाजियाबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए नगर निगम ने शहरभर में 24 घंटे पानी का छिड़काव करने वाला सुपर प्लान लागू किया है। हमारे जलकल, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग लगातार चार शिफ्टों में स्प्रिंकलिंग और रोड स्वीपिंग कर रहे हैं। रात के समय भी उन इलाकों में पानी का छिड़काव किया जाएगा जहां धूल और धुएं का स्तर अधिक है। मैं गाजियाबाद के नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे भी अपने घरों और प्रतिष्ठानों के आसपास पानी का छिड़काव करें, खुले में कचरा जलाने से बचें और स्वच्छता बनाए रखें। केवल निगम की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है; नागरिकों का सहयोग ही शहर को प्रदूषणमुक्त बनाने की कुंजी है। हमारा यह अभियान तब तक लगातार जारी रहेगा जब तक गाजियाबाद की हवा पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ नहीं हो जाती। हम सुनिश्चित करेंगे कि हर गली, हर सड़क और हर सार्वजनिक स्थान पर प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त