-कांवड़ यात्रा के हर 1 किलोमीटर पर निगम के सफाई कर्मचारी की लगी ड्यूटी
-कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गो पर स्थित शौचालयों की सुविधा 2 अगस्त तक मिलेगी निशुल्क
गाजियाबाद। सावन माह में हर वर्ष कांवड़ यात्रा का आयोजन श्रद्धालुओं द्वारा सेवाओं से किया जाता है। जिसमें कावड़िए हरिद्वार एवं अन्य स्थानों से गंगा जल लेकर अपने यहां स्थापित मंदिरों में भगवान शिव को अर्पित करते है और यह मेले में लाखों करोड़ों श्रद्धालु भगवान की सेवा भाव से कार्य करते है। इसी क्रम में नगर निगम भी अपनी क्षेत्र सीमा में कांवड़ यात्रा में सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराता है। जैसे दूधेश्वरनाथ मंदिर में गंगाजल की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, साफ सफाई, श्रद्धालुओं की लाइन के लिए बेरिकेट करना, 24 घंटे सफाई कर्मचारी की उपलब्धता कराना है। साथ ही कांवड़ यात्रा के मार्ग पर भी नगर निगम की सभी सुविधाएं जोरों से चल रही है और निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए गए हैं। जिसमे महापौर, नगर आयुक्त सहित समस्त अधिकारी लगातार कार्य कर रहें है।
कांवड़ यात्रा को लेकर महापौर सुनीता दयाल ने नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए हुए है। कांवड़ यात्रा के मार्ग के हर 1 किलोमीटर पर निगम का कर्मचारी उपस्थित रहकर सड़कों को साफ करेगा। ताकि कावडिय़ों को यात्रा के दौरान कोई कंकर/रोडी न चुभ पाए। महापौर ने कहा है कि कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गो पर स्थित नगर निगम के समस्त शौचालयों की सुविधा 2 अगस्त तक निशुल्क मिलेगी और 24 घंटे कर्मचारी रहेंगे। जो लगातार साफ सफाई का विशेष ध्यान रखेंगे। नगर निगम क्षेत्र में सभी कांवड़ शिविरों के आसपास नगर निगम ने 18 शौचालय लगवाए है और उनकी साफ सफाई की जिम्मेदारी के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। ऐसे ही पीने के पानी के 30 टैंक जगह-जगह लगवाए गए है।
अब जल्द ही नगर निगम सड़कों पर यू टर्न पर बेरीकेट करने की तैयारी में लगा है। जिसको यातायात पुलिस के साथ मिलकर पूर्ण कराया जाएगा। नगर निगम हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान कावडिय़ों के गाजियाबाद आगमन पर पुष्प वर्षा करता है और इस परिपाटी को आगे भी कायम किया जाएगा। महापौर ने कहा है कि इस बार भी पूर्व की भांति भगवान शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा की जायेगी। महापौर सुनीता दयाल ने सभी शहरवासियों से यह अपील की है कि इस वर्ष की कांवड़ यात्रा एवं सभी कांवड़ शिविरों को जीरो वेस्ट प्लास्टिक के साथ यात्रा पूर्ण की जाए, कोई भी प्लास्टिक का प्रयोग न करे जिससे शहर प्लास्टिक से भी बचेगा और कूड़ा भी कम उत्सर्जित होगा।
















