-सफाई और सेवा में न हो कमी, गोवंशों की सेवा है सर्वोपरि: विक्रमादित्य सिंह मलिक
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नंदी पार्क स्थित गौशाला का नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शुक्रवार को निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। बढ़ती गर्मी और गौशाला में निरंतर बढ़ रही गोवंशों की संख्या को देखते हुए नगर आयुक्त ने वहां अतिरिक्त शेड लगाने, पंखों की संख्या बढ़ाने और सफाई व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं हरा चारा डालकर गोवंशों की सेवा की और कर्मचारियों को सेवा भाव से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त के नेतृत्व में गाजियाबाद नगर निगम द्वारा निराश्रित गोवंशों की देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में नगर आयुक्त ने नंदिनी एवं नंदी गौशालाओं के दोनों खंडों का दौरा कर समग्र स्थिति का मूल्यांकन किया। उनके साथ उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज और निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि वर्तमान में गौशाला में कुल 1898 गोवंश हैं, जिनमें 963 नंदी और 935 नंदिनी हैं। बढ़ती गर्मी और भीड़ को देखते हुए निर्माण विभाग को तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त शेड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गर्मी से राहत देने के लिए पहले से मौजूद 40 पंखों के अतिरिक्त 15 नए पंखे तथा 10 बड़े कूलर भी लगाए गए हैं। गौशाला में पेयजल की व्यवस्था के लिए चार नलकूप सक्रिय हैं, जो निरंतर जलापूर्ति कर रहे हैं। नगर आयुक्त ने भूसे और चारे की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया और इसे संतोषजनक पाया। फिलहाल यहां 63 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनकी रहने की व्यवस्था, कार्य संचालन और उपस्थिति की भी निगरानी की गई। डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि गोवंशों की नियमित चिकित्सा जांच के लिए टीमों को सक्रिय रखा गया है।
नगर आयुक्त ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-समय पर पशुओं की मेडिकल जांच सुनिश्चित की जाए और बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिले। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि गौशाला में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अंत में उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों और सुपरवाइजरों को सेवा भाव के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि गोवंशों की सेवा एक पुण्य का कार्य है, जिसे समर्पण से करना चाहिए। नगर निगम के इस प्रयास को लेकर स्थानीय समाजसेवियों और पशुप्रेमियों ने भी सराहना की है। नगर निगम का यह अभियान यह सुनिश्चित कर रहा है कि गर्मी के मौसम में भी निराश्रित गोवंशों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
















