नगर निगम मियावाकी विधि से एक और वन लगाएगा

-शहर को हरा-भरा बनाने और लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए महरौली में बनेगा मियावाकी फॉरेस्ट
-निगम ने शासन को भेजी डीपीआर, 1 एकड़ में मियावाकी पद्धति से होगा पौधरोपण
-निगम का प्रयास ग्रीनरी को मिले बढ़ावा, हरा भरा हो शहर हमारा: विक्रमादित्य सिंह मलिक
गाजियाबाद। हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ हवा को लेकर नगर निगम मियावाकी विधि से एक और वन विकसित करेगा। मियावाकी, जंगल विकसित करने की जापानी पद्धति है। जो आज दुनियाभर में तेजी से प्रचलित हो रही है। शहर को हरा-भरा बनाने और लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए नगर आयुक्त का यह प्रयास भविष्य में काफी सार्थक होगा। शहर में अभी तक नगर निगम पांचों जोन में मियावाकी पद्धति से 16 फॉरेस्ट बना चुका है। जिसमें करीब तीन लाख 43 हजार 461 पौधों को रोपित कर चुका है। आज वहीं पौधे जंगल का रूप ले चुके है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में एक ओर मियावाकी फॉरेस्ट बनाने की तैयारी शुरु कर दी है। जिसकी डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। स्वीकृति उपरांत महरौली वार्ड संख्या-24 में नगर निगम के स्कूल बालिका इंटर कॉलेज के सामने निगम की खाली पड़ी भूमि पर मियावाकी फॉरेस्ट बनाया जायेगा।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया उपवन योजना के क्रम में शहर वासियों के लाभ के लिए मियावाकी फॉरेस्ट बनाने के लिए तैयारी जोरों से चल रही है शासन को डीपीआर भेजी जा चुकी है स्वीकृति उपरांत निविदा प्रक्रिया पूर्ण कराई जायेगी तथा लगभग डेढ़ एकड़ में मियावाकी फॉरेस्ट बनाया जाएगा, जिस शहर वासियों को भी लाभ होगा। स्कूल के सामने होने के कारण बालिकाओं को भी इसका लाभ प्राप्त होगा। लगभग 1 करोड़ 75 लाख की लागत का प्रस्ताव तैयार कर कार्यवाही के लिए अग्रसित किया गया है। महरौली में बनने वाले मियावाकी फॉरेस्ट की प्लानिंग उद्यान विभाग द्वारा की जा रही है।
जिसमें लगभग 1 एकड़ में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण होगा, शेष क्षेत्रफल में आधुनिक पार्क को व्यवस्थित किया जाएगा। जिसमें घूमने के लिए फुटपाथ, व्यायाम के लिए ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले, और पार्कों में टहलने के लिए फुटपाथ को व्यवस्थित किया जाएगा। पेयजल एवं पौधों की सच्चाई के लिए नलकूप की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठने के लिए स्थान पर बेंच की व्यवस्था भी की जाएगी। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम सीमा अंतर्गत वायु गुणवत्ता सुधार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जिसमें प्लांटेशन का कार्य अभियान के रूप में चल रहा है।  उपवन योजना में तैयार किया प्रस्ताव को स्वीकृतियों के उपरांत रफ्तार दी जाएगी।

मियावाकी पद्धति से 16 स्थानों पर लगे साढ़े तीन लाख पौधे लेने लगे जंगल का रूप
नगर निगम द्वारा मियावाकी पद्धति से पांचों जोन में लगाए गए पौधे जंगल का रूप ले रहे हैं। सिटी जोन स्थित सांई उपवन में 2680 क्षेत्रफल में 3 हजार पौधे, कविनगर जोन में रईसपुर स्थित खाली पड़ी 2300 क्षेत्रफल भूमि में 6900 पौधे, लोहामंडी पुलिस वाला पार्क 3452 क्षेत्रफल में 4900, लोहामंडी कमल जैन पार्क 5372 क्षेत्रफल में 10200 पौधे, लोहा मंडी अशोक पहलवान पानी वाला पार्क 4826 क्षेत्रफल में 8412 पौधे, लोहामंडी अभिषेक स्टील के सामने झुग्गी-झोपड़ी वाला पार्क 6946 क्षेत्रफल में 21367 पौधे, अमृत स्टील कम्पाउड पार्क-01 बुलंदशहर रोड़ इंडरूट्रीज एरिया 1300 क्षेत्रफल में 3450 पौधे, बुलंदशहर रोड़ इंडरूट्रीज एरिया नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पार्क 37500 क्षेत्रफल में 24500 पौधे, विजय नगर जोन में सिद्धार्थ विहार स्थित फ्रेगरेेंस अपार्टमेंट के सामने स्थित कूड़ाघर को खत्मकर 20234 क्षेत्रफल में 50000 पौधे, साउथ साउड इंडस्ट्रीज एरिया ई-13 फैक्र्टी के पास हाइटेंशन लाइन के नीचे 3150 क्षेत्रफल में 10300 पौधे, मोहन नगर जोन हर्षा इंडस्ट्रीज एरिया स्थित पार्क 2271 क्षेत्रफल में 7435 पौधे, पाइपलाइन मार्किट साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एरिया एलएलजी इस्पताल इंडिया के सामने 6640 क्षेत्रफल में 18000 पौधे, वार्ड-70 अम्बेडकर पार्क वृंदावन गार्डन ऑडिटोरियम वाला वार्मा 32681 क्षेत्रफल में 1 लाख 1500 पौधे, राजेन्द्र नगर इंडस्ट्रीज एरिया सी-ब्लॉक बाबू जग जीवनराम पार्क 7288 क्षेत्रफल में 22497 पौधे और वंसुधरा जोन में इंदिरापुरम कनावनी पुलिया के पास 20 हजार क्षेत्रफल में 20 हजार पौधे मियांवकी पद्धति से नगर निगम लगा चुका है। जो कि करीब 1 लाख 54 हजार 843 क्षेत्रफल में 3 लाख 43 हजार 461 पौधे रोपित कर चुका है। कुछ पार्कों में लगे पौधे अब जंगल को रूप ले चुकें है।