नमो गंगे ट्रस्ट और नगर निगम ने मोहन नगर में किया वृक्षारोपण

गाजियाबाद। पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नमो गंगे ट्रस्ट ने नगर निगम के सहयोग से मोहन नगर के सनराइज इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को व्यापक वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। नमो गंगे ट्रस्ट के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवकों और नमो गंगे ट्रस्ट एवं नगर निगम के अधिकारियों की उत्साही भागीदारी देखी गई। कार्यक्रम में नमो गंगे ट्रस्ट के चेयरमैन विजय शर्मा, राष्ट्रीय समन्वयक अजय वर्मा, पूर्व पार्षद राजेन्द्र तितोरिया और निगम पार्षद एवं उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह शामिल रहे। उन्होंने मिलकर 150 पौधों का रोपण किया, जिनमें से सभी पौधे स्थानीय प्रजातियों के थे जो पर्यावरणीय लाभों के लिए जाने जाते हैं, जैसे कि वायु गुणवत्ता में सुधार, छाया प्रदान करना और स्थानीय वन्यजीवों का समर्थन करना। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रहीं की वृक्षारोपण अभियान में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिसमें नीम, पीपल, बरगद और गुलमोहर जैसी स्थानीय प्रजातियों का रोपण किया गया। प्रमुख वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन से निपटने में वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया और पौधों की देखभाल के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाई।

वृक्षारोपण के इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय समन्वयक अजय वर्मा जी ने एवं चेयरमैन विजय शर्मा जी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देने में वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को लगाए गए पौधों की देखभाल और पोषण के दीर्घकालिक लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए। विजय शर्मा जी ने कहा की आज लगाया गया हर पेड़ एक हरे-भरे कल की ओर बढ़ता कदम है। उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने कहा कि नगर निगम के हरित बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह पहल न केवल हमारे औद्योगिक क्षेत्रों को सुंदर बनाती है, बल्कि हमारे निवासियों के समग्र कल्याण में भी योगदान करती है। अजय वर्मा ने कहा की नमो गंगे ट्रस्ट और नगर निगम ने लगाए गए पौधों की स्वस्थ वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए उनकी निरंतर निगरानी और रखरखाव की योजनाएं बनाई हैं। वे शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के अभियान आयोजित करने की योजना बना रहे हैं ताकि हरित आवरण का विस्तार हो सके और अधिक से अधिक समुदाय के सदस्य इन पर्यावरण-मित्र पहल में शामिल हो सकें।