पृथक सिंधु प्रदेश के लिए निकाली गई रैली
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में दक्षिणी सिंध प्रांत को पृथक सिंधुदेश बनवाने के लिए नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी हाथों में ले रखी थीं। प्रधानमंत्री मोदी से मदद करने की अपील की गई है। दक्षिणी सिंध प्रांत को पृथक सिंधुदेश बनाने की मांग जोर पकड़ने से इमरान खान सरकार की टेंशन बढ़ गई है। सिंधु देश के लिए नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। आधुनिक भारतीय सिंधी राष्ट्रवाद के संस्थापकों में से एक जीएम सैयद की 117वीं जयंती पर समर्थकों ने विशाल आजादी समर्थक रैली निकाली। इस दरम्यान प्रदर्शनकारियों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा विभिन्न देशों के नेताओं की तस्वीर ले रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने विश्व के इन नेताओं से पृथक सिंधुदेश बनाने में मदद की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वैश्विक नेताओं को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आजादी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। विरोध रैली में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विभिन्न देशों के नेताओं की तस्वीरें भी देखने को मिलीं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का पोस्टर हाथों में ले रखा था। पोस्टरों पर लिखा गया था कि सिंध पाकिस्तान से स्वतंत्रता चाहता है। इसके अलावा प्रदर्शन में सिंधुदेश स्वतंत्रता आंदोलन के पोस्टर भी नजर आए। इस आंदोलन को सिंध के नेता जीएम सैयद ने बांग्लादेश की आजादी के ठीक बाद आरंभ किया था। वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से प्रेरित थे और पाकिस्तान बनने के बाद पहले राजनीतिक कैदी थे। वहीं, पृथक सिंधु प्रांत की मांग जोर पकड़ने से इमरान खान सरकार की परेशानी बढऩा तय माना जा रहा है।
















