यूएसए में ग्लोबल एजुकेशन लीडर अवार्ड से नेहरू वर्ल्ड स्कूल के निदेशक डॉ. अरुणाभ सिंह हुए सम्मानित

• भारत-अमेरिका शिक्षा समिट में डॉ. सिंह के नवाचार, नेतृत्व और वैश्विक योगदान को किया गया सम्मानित
• हेल्दी प्लैनेट स्कूल्स और नेहरू वल्र्ड स्कूल के जरिए रचा शिक्षा में बदलाव का नया अध्याय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मिशिगन (यूएसए) स्थित प्रतिष्ठित हिल्सडेल कॉलेज में शनिवार को आयोजित इंडिया-यूएसए ग्लोबल एजुकेशन लीडरशिप समिट 2025 में नेहरू वर्ल्ड स्कूल एवं हेल्दी प्लैनेट स्कूल्स के सह-संस्थापक एवं निदेशक डॉ. अरुणाभ सिंह को ‘ग्लोबल एजुकेशन लीडर अवार्ड’ से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण और वैश्विक शिक्षा समुदाय पर प्रभावशाली नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। डॉ. सिंह ने शिक्षा में प्रौद्योगिकी, पीढ़ीगत सहभागिता और समावेशी शिक्षण विधियों को बढ़ावा देते हुए भारतीय स्कूल प्रणाली को एक वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई है। उनके नेतृत्व में हेल्दी प्लैनेट स्कूल्स को भारत का शीर्ष प्री-स्कूल सिस्टम माना गया है, जो स्थिरता और सामुदायिक जुड़ाव को केंद्र में रखता है। वहीं, नेहरू वर्ल्ड स्कूल, गाजियाबाद में न केवल उत्कृष्टता का प्रतीक बन चुका है, बल्कि भारत के टॉप 10 स्कूलों में भी अपनी जगह बना चुका है।

डॉ. अरुणाभ सिंह ने कहा कि यह पुरस्कार उस सहयोग की शक्ति को समर्पित है जिसने शिक्षा को सीमाओं से परे ले जाकर उसे एक वैश्विक आंदोलन का रूप दिया है। यह सम्मान उस विश्वास की पुष्टि करता है कि शिक्षा कोई स्थिर अवधारणा नहीं है, बल्कि यह एक सतत विकासशील प्रक्रिया है जिसे समय, समाज और तकनीक की बदलती ज़रूरतों के अनुसार ढलना चाहिए। हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह है कि हम हर बच्चे को न केवल ज्ञान दें, बल्कि उसमें जिज्ञासा की लौ, साहस का आत्मबल और करुणा का मानवीय दृष्टिकोण भी विकसित करें। चाहे वह हेल्दी प्लैनेट स्कूल्स में एक नन्हे बच्चे की शुरुआती यात्रा हो या नेहरू वर्ल्ड स्कूल में किशोरों के सपनों को आकार देना हमारा उद्देश्य हर बच्चे को ऐसा नागरिक बनाना है जो न सिर्फ अपने लिए, बल्कि दुनिया के लिए भी बेहतर सोच सके, बेहतर कर सके।

शिक्षा के भविष्य पर केंद्रित विचार-विमर्श
समिट के दौरान भारत और अमेरिका के अग्रणी शिक्षा विशेषज्ञों ने शिक्षा के भविष्य को लेकर सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर विचार साझा किए। हिल्सडेल कॉलेज, जो कि ललित कलाओं और नागरिक शिक्षा के लिए जाना जाता है, इस वैश्विक नेतृत्व उत्सव का सटीक स्थल साबित हुआ। डॉ. अरुणाभ सिंह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, ब्रिटिश काउंसिल और कैम्ब्रिज प्रेस एंड एसेसमेंट जैसी संस्थाओं के साथ सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं। वह शिक्षा सुधार, एडटेक और शिक्षक सशक्तिकरण को लेकर निरंतर सक्रिय रहते हैं।

स्कूल्स की वैश्विक पहचान में अहम भूमिका
हेल्दी प्लैनेट स्कूल्स: भारत का नंबर 1 प्री-स्कूल सिस्टम, जो पीढ़ीगत सहभागिता, भावनात्मक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित है।
नेहरू वर्ल्ड स्कूल: 1978 में स्थापित, गाजियाबाद का प्रतिष्ठित सीबीएसई व कैम्ब्रिज से संबद्ध स्कूल, जो वैश्विक दृष्टिकोण और नवाचारी शिक्षण शैली के लिए जाना जाता है।