2 अरब डॉलर का स्कैम : अभी जेल में रहेगा नीरव मोदी

ब्रिटेन की कोर्ट से फिर जमानत याचिका खारिज

लंदन। 2 अरब डॉलर से ज्यादा की बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसे कारोबारी नीरव मोदी को विदेशी अदालत से कोई राहत नहीं मिल पाई है। ब्रिटेन की कोर्ट ने भारत के भगोड़े कारोबारी मोदी की जमानत याचिका को 7वीं बार खारिज कर दिया है। इससे नीरव की जेल से बाहर आने की उम्मीदें एक बार फिर टूट गई हैं। भारत में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 2 अरब डॉलर (14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा) के ऋण की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में नीरव मोदी शामिल है। नीरज को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह काफी समय पहले भारत से ब्रिटेन भाग गया था। नीरव ने अपने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ बिटेन की कोर्ट में चुनौती दी थी। वह काफी समय से दक्षिण पश्चिम लंदन की जेल में बंद है। भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो और सतर्कता निदेशालय (ईडी) ने नीरव मोदी के खिलाफ केस दायर किया था। आरोप है कि नीरव ने भारतीय बैंक के फर्जी सहमति पत्र दिखा कर बैंकों से ऋण लिए और उस धन की हेरा-फेरी की। ब्रिटेन की कोर्ट में प्रत्यर्पण की सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने इसे 3 नवंबर तक बढ़ा दिया था। नीरव के कानूनी वकील ने यूके कोर्ट को बताया कि था कि मोदी की भारत में निष्पक्ष सुनवाई होने की उम्मीद नहीं है। वह भारतीय जेलों में पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं की कमी के कारण खुदकुशी के हाई रिस्क का सामना कर सकते हैं। लंदन की पुलिस ने विगत 19 मार्च को नीरव मोदी को अरेस्ट किया था। इसके बाद से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। इंटरपोल ने नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके तहत 192 देशों को कहा गया था कि यदि नीरव उनके यहां है तो उसे गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पण किया जाए।