श्री राम वेद सेवा संस्थान का नेक कार्य: अनाथ बच्चों के लिए बना सहारा

• घरौंदा आश्रम में बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए एसआरवीएसएस ने की महत्वपूर्ण पहल
• मानवता की मिसाल: श्री राम वेद सेवा संस्थान ने अनाथ बच्चों संग मनाया नववर्ष, जरूरतमंदों की मदद के लिए बढ़ाए हाथ
• सिर्फ दान नहीं, अपनापन भी: एसआरवीएसएस की पहल बनी प्रेरणा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान खिलती है, तो उससे बड़ी समाज सेवा और कोई नहीं होती। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्री राम वेद सेवा संस्थान (एसआरवीएसएस) के सदस्यों ने गोविंदपुरम स्थित घरौंदा आश्रम में रहने वाले अनाथ बच्चों के साथ हिंदू नववर्ष का जश्न मनाया और खाद्य सामग्री वितरित की। इस सेवा कार्य में संस्था की अध्यक्ष तनूजा और सचिव आशीष गौतम समेत कई समाजसेवी शामिल हुए, जिन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया। संस्था की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि हर व्यक्ति थोड़ी भी समाज सेवा करे, तो कोई भी बच्चा खुद को अनाथ महसूस नहीं करेगा।

गाजियाबाद की श्री राम वेद सेवा संस्थान (एसआरवीएसएस) सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुका है, जो समाज के जरूरतमंद तबके तक हर संभव मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संस्था अनाथ आश्रम, वृद्धाश्रम और असक्षम लोगों की सहायता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्थान के सदस्यों का मानना है कि मदद सिर्फ दान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह एक संवेदनशील जिम्मेदारी है, जिससे जरूरतमंदों को एक परिवार जैसा एहसास हो। एसआरवीएसएस का यह प्रयास कोई पहली बार नहीं है, इससे पहले भी संस्था कई बार गरीबों, बेसहारा बुजुर्गों और जरूरतमंदों के बीच जाकर सहायता पहुंचा चुकी है। यह संगठन बिना किसी स्वार्थ या प्रचार की भावना से प्रेरित होकर लगातार समाज सेवा के कार्यों में संलग्न है।

हिंदू नववर्ष का अनोखा जश्न: जब बच्चों के चेहरे खिले खुशियों से
सोमवार को हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर संस्था के सदस्यों ने घरौंदा आश्रम के बच्चों के बीच जाकर न सिर्फ खाद्य सामग्री वितरित की, बल्कि उनके साथ समय बिताया और उनके जीवन में खुशियों के रंग भरे। संस्थान के एक पदाधिकारी ने कहा, समाज सेवा दिखावे के लिए नहीं, बल्कि दिल से करनी चाहिए। जब हम किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, तो ईश्वर हमें और शक्ति देते हैं।

जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची पूजा 
संस्थान की अध्यक्ष तनूजा ने कहा, अनाथ आश्रमों और वृद्धाश्रमों में जाकर हमें महसूस होता है कि ये लोग सिर्फ आर्थिक मदद के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारे के लिए भी तरसते हैं। जब हम इन मासूम बच्चों और बुजुर्गों के साथ समय बिताते हैं, तो उनकी खुशी देखने लायक होती है। यही कारण है कि एसआरवीएसएस न सिर्फ मदद पहुंचाने, बल्कि इनके जीवन में खुशियां भरने का प्रयास भी करता है। अगर समाज में हर कोई थोड़ा-थोड़ा सहयोग करे, तो कोई भी खुद को बेसहारा महसूस नहीं करेगा।

बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, समाज सेवा का सच्चा प्रमाण
श्री राम वेद सेवा संस्थान (एसआरवीएसएस) के सचिव आशीष गौतम ने कहा, हमारा उद्देश्य केवल दान देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कराना है। जब हम अनाथ बच्चों या बेसहारा बुजुर्गों के साथ समय बिताते हैं, तो उन्हें सिर्फ मदद नहीं, बल्कि प्यार और अपनापन भी देते हैं। यही असली समाज सेवा है। अगर हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद की मदद करने लगे, तो दुनिया कहीं ज्यादा दयालु और सुंदर बन सकती है।

हर हाथ मदद को तैयार हो, तो कोई भी अनाथ नहीं रहेगा
भारत एक ऐसा देश है, जहां सेवा को धर्म से भी ऊंचा स्थान दिया गया है। यही वजह है कि एसआरवीएसएस जैसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। संस्था का मानना है कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा सहयोग करे, तो समाज में कोई भी बेसहारा नहीं रहेगा। संस्था के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि यदि आप किसी जरूरतमंद की मदद कर सकते हैं, तो अवश्य करें। किसी भी समाज की ताकत वहां के नागरिकों के परोपकारी स्वभाव पर निर्भर करती है।

गाजियाबाद में बढ़ रहा समाजसेवा का कारवां
श्री राम वेद सेवा संस्थान की इस पहल से प्रेरित होकर कई स्थानीय लोग और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी समाज सेवा में अपनी भागीदारी देने की इच्छा जताई। संस्था का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जाए और हर बेसहारा व्यक्ति को समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा महसूस कराया जाए। संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा, हमारा उद्देश्य सिर्फ दान देना नहीं, बल्कि लोगों में समाज सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। अगर हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी की मदद करने लगे, तो यह दुनिया कहीं ज्यादा सुंदर और दयालु बन सकती है। यदि आप भी समाज सेवा में योगदान देना चाहते हैं या संस्था के कार्यों से जुडऩा चाहते हैं, तो श्री राम वेद सेवा संस्थान से संपर्क करें और इस मानवता के कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।