-कालकागढ़ी कार्यालय पर गूंजे रिश्तों के स्वर, 11 युवक-युवतियों के तय हुए विवाह संबंध
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। समाज में वैवाहिक रिश्तों की मजबूत बुनियाद रखने और पारिवारिक मूल्यों को सहेजने की दिशा में वैश्य एकता समिति का प्रयास एक बार फिर रंग लाया। कालकागढ़ी स्थित समिति के कार्यालय पर रविवार को आयोजित 85वें मासिक परिचय सम्मेलन में विवाह योग्य युवक-युवतियों का मिलन मंच बना और कुल 11 सफल रिश्ते तय हुए, जो आने वाले दिनों में परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं। सम्मेलन में 34 से अधिक पंजीकृत युवक-युवतियों ने मंच पर आकर अपना परिचय दिया, जहां परिवारजन और समाज के गणमान्य सदस्य भी मौजूद थे।
इस दौरान सभी ने अपने स्वाभाव, शिक्षा, रुचियों और भविष्य की अपेक्षाओं को खुले मंच से साझा किया। यह मंच युवाओं के लिए केवल पारंपरिक परिचय का अवसर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और खुले विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम भी बनकर उभरा। समिति द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका में 80 से अधिक नए पंजीकरण दर्ज किए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि समाज में इस मंच के प्रति विश्वास और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। वैश्य एकता समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि समिति न केवल युवक-युवतियों को मंच देती है, बल्कि उनकी शादियों को साकार करने में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि समिति का उद्देश्य केवल विवाह कराना नहीं, बल्कि समाज में संस्कारयुक्त और स्थायी रिश्तों की स्थापना करना है। समाज के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब संगठित प्रयास, पारदर्शिता और उद्देश्य के साथ कदम उठाए जाते हैं, तो रिश्ते सिर्फ घरों में नहीं, दिलों में भी बनते हैं। यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, समर्पण और विश्वास का जीवंत उदाहरण बन गया।
















