-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में ‘संभवÓ बैठक में दिखी जवाबदेही की झलक
-पंचवटी की मांग पर दो दिन में एस्टीमेट तैयार करने का आदेश, पार्षदों ने भी रखीं समस्याएं
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए नगर निगम गाजियाबाद ने मंगलवार को आयोजित ‘संभव जनसुनवाई’ कार्यक्रम में न केवल समस्याएं सुनीं, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई कर मिसाल पेश की। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई की अगुवाई नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने खुद की, जिसमें निगम के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सुबह से ही मुख्यालय में नागरिकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शहर के अलग-अलग इलाकों से आए लोग जल निकासी, सीवर, सड़क निर्माण, सफाई, बिजली, अतिक्रमण और अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे। इस जनसुनवाई में नगर आयुक्त ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात को धैर्यपूर्वक सुना और विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान कुल 13 संदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें जलकल विभाग, निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रकाश विभाग, डूडा और अतिक्रमण से संबंधित समस्याएं शामिल थीं।
विशेष रूप से पंचवटी क्षेत्र से आई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने खुद शिकायतकर्ताओं से संवाद किया और मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी को दो दिन के भीतर निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने इस अवसर पर अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत दर्ज करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि समाधान की पुष्टि तक अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी खुद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लें ताकि संतुष्टि सुनिश्चित की जा सके।
जनसुनवाई के दौरान कई पार्षद भी पहुंचे और अपने क्षेत्रों की समस्याओं को नगर आयुक्त के समक्ष रखा। नगर आयुक्त ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निरीक्षण कराया जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामले जिनमें नए निर्माण की मांग की जा रही है, उनके लिए विभागीय अधिकारियों को आगणन तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है। नगर निगम प्रशासन की इस पहल से नागरिकों में सकारात्मक संदेश गया है। जहां आमतौर पर शिकायतों की अनदेखी की जाती रही है, मगर नगर आयुक्त के नेतृत्व में कार्यप्रणाली में बदलाव दिख रहा है।
नगर आयुक्त ने कहा कि संभव जनसुनवाई केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, जलकल महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद, प्रकाश प्रभारी आश कुमार, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, संपत्ति प्रभारी पल्लवी और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त हर शिकायत पर अधिकारियों ने तत्काल फील्ड निरीक्षण और तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन दिया। नगर निगम की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से यह स्पष्ट है कि अब गाजियाबाद प्रशासन नागरिकों की समस्याओं को केवल सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। जनता को अब उम्मीद है कि ‘संभवÓ जैसे मंच भविष्य में भी उन्हें अपनी समस्याएं रखने और समाधान प्राप्त करने का प्रभावी अवसर देंगे।
















