सावन की शिवरात्रि पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, लाखों कांवड़िए करेंगे जलाभिषेक

– ‘दूधेश्वरनाथ स्वयं शिवस्वरूप हैं, भक्तों के कष्ट हरने का करते हैं वचनबद्ध कार्य’ प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम: श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। देशभर से आने वाले शिवभक्तों और कांवडिय़ों के लिए इस वर्ष की सावन शिवरात्रि विशेष रूप से दिव्य और भव्य होने जा रही है। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर, जो शिवभक्ति की पराकाष्ठा का प्रतीक है, इस बार सावन की शिवरात्रि (23 जुलाई) को लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगा। मंदिर में तीन दिवसीय कांवड़ मेला 21 जुलाई से शुरू हो जाएगा और 23 जुलाई को शिवरात्रि के दिन भक्तगण पूरे दिन जलाभिषेक कर सकेंगे। शनिवार को सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मंदिर के पीठाधीश्वर, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज, जो श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि दूधेश्वरनाथ केवल मंदिर नहीं, एक जागृत सिद्धपीठ है, जहां स्वयं भगवान शिव “दूधेश्वर” के रूप में विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धा मात्र से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं। पूरे सावन में शिवभक्तों की लंबी कतारें लगती हैं, लेकिन सावन की शिवरात्रि पर यह संख्या लाखों में पहुँच जाती है।

श्रीमहंत जी ने स्पष्ट किया कि त्रयोदशी तिथि 22 जुलाई को सुबह 7:06 बजे से शुरू होकर देर रात तक रहेगी, जबकि चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई को सुबह 4 बजे से आरंभ होगी और 23/24 की रात 2 बजे तक जलाभिषेक के लिए उत्तम मुहूर्त रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि भौम प्रदोष व्रत भी इस बार उसी दिन (22 जुलाई, मंगलवार) पड़ेगा, जो ऋणमोचन और पुण्य लाभ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शिवरात्रि व्रत का पारण 24 जुलाई को होगा। मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष श्री धर्मपाल गर्ग ने कहा कि इस बार कांवडिय़ों और भक्तों के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सावन शिवरात्रि के दिन विशेष व्यवस्था रहेगी भीड़ नियंत्रण, पेयजल, छांव, सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा और भंडारे की सेवाएं लगातार उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि कांवडिय़ों की सेवा करना हमारे लिए धर्म से कम नहीं। 24 घंटे मंदिर के स्वयंसेवक तत्पर रहेंगे।

वहीं समिति के उपाध्यक्ष अनुज धर्मपाल गर्ग ने जानकारी दी कि भव्य भंडारे की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर दी गई है। मंदिर में इस दौरान किसी भी समय भक्त आकर शिवजी को जल चढ़ा सकेंगे। वहीं मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि मंदिर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के मार्गदर्शन में ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद कोई अव्यवस्था या कठिनाई नहीं होगी। इस आयोजन की सफलता के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मंदिर के मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के निर्देशन व मार्गदर्शन में सावन शिवरात्रि पर ऐसी शानदार व्यवस्था रहेगी कि लाखों की संख्या के बावजूद किसी भी कांवडि़ए को जलाभिषेक में कोई परेशानी नहीं होगी। जिलाधिकारी दीपक मीणा, पुलिस आयुक्त जे रविंद्र गौड, महापौर सुनीता दयाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा हर प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई हैं और वे खुद सभी व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कोई भी असुविधा शिवभक्त को ना हो।

जिलाधिकारी दीपक मीणा, पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़, महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस आयोजन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी समय-समय पर ले रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि इस धार्मिक आयोजन को राज्यस्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यमंत्री डॉ. नरेंद्र कश्यप, विधायक संजय शर्मा, व अन्य प्रशासनिक अधिकारी पूरी सक्रियता से कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और नियंत्रण कक्ष जैसी व्यवस्थाएं बेहतर बन सकें। श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल और उनकी टीम इस बार सावन की शिवरात्रि पर दूधेश्वरनाथ भगवान का विशेष श्रृंगार करने जा रही है। मंदिर को मनोहारी पुष्पों, विशेष वस्त्रों, रत्नाभूषणों और पारंपरिक पवित्र सज्जा से सजाया जाएगा। यह श्रृंगार भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक सौंदर्य का अद्वितीय अनुभव होगा। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानवता और सेवा का उत्सव है। उन्होंने सभी भक्तों से आग्रह किया कि वे पूरे श्रद्धा और अनुशासन के साथ मंदिर आएं, नियमों का पालन करें और शिवकृपा का आनंद लें।