-जनहित में होगा उपयोग, कब्जाधारियों को नहीं बख्शा जाएगा: नगर आयुक्त
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम गालंद और पिपलहैड़ा में वर्षों से कब्जे की कोशिशों का सामना कर रही करीब 2.5 हेक्टेयर भूमि को शनिवार को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करा लिया। इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निगम के संपत्ति विभाग द्वारा की गई इस सख़्त कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि अब नगर निगम की ज़मीन पर किसी भी तरह का गैरकानूनी कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संपत्ति अधीक्षक और टीम के साथ सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह स्वयं मौके पर पहुंचीं और ग्राम गालंद व पिपलहैड़ा में निगम की भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही ट्रैक्टर की मदद से खेतों की जुताई कराई, जिससे कब्जेदारों को स्पष्ट संकेत मिले कि भूमि अब नगर निगम के नियंत्रण में है। पल्लवी सिंह ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों को सख़्त निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में कोई लापरवाही न हो और नगर निगम की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए नियमित कार्रवाई जारी रखी जाए।
संपत्ति विभाग प्रभारी ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई नियमित रोस्टर निरीक्षण के दौरान की गई। गालंद और पिपलहैड़ा के 5-6 खसरा नंबरों में फैली 2.5060 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश की जा रही थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया। निगम अब इस भूमि पर जनहित में निर्माण और योजनाओं के लिए उपयोग करेगा। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि निगम की हर इंच भूमि नागरिकों की धरोहर है, किसी भी सूरत में अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। रिक्त कराई गई भूमि का उपयोग शहरवासियों के लाभ के लिए किया जाएगा।
नगर आयुक्त के निर्देश पर निर्माण विभाग को आदेश दिए गए हैं कि वे भूमि की सीमाओं पर पांच सूचनात्मक बोर्ड लगाएं ताकि कोई दोबारा अतिक्रमण करने की कोशिश न करे। ये बोर्ड पूरी भूमि पर लगे रहेंगे और साफ तौर पर यह संकेत देंगे कि यह भूमि गाजियाबाद नगर निगम के स्वामित्व में है। इस कार्रवाई ने न केवल अवैध कब्जेदारों को स्पष्ट संदेश दिया है, बल्कि आमजन में यह भरोसा भी बढ़ाया है कि नगर निगम अब पूरी प्रतिबद्धता के साथ सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा कर रहा है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ही सक्रियता से काम हो तो निगम की हर योजना समय पर फलीभूत हो सकेगी।
















