– संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल थाने को देनी होगी सूचना, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस अब स्क्रैप कारोबार पर विशेष निगरानी रखेगी। 26 अगस्त को लागू निषेधाज्ञा के अनुपालन के तहत शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में स्क्रैप कारोबारियों और डीलरों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं कानून-व्यवस्था) आलोक प्रियदर्शी ने सभी कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर वे तय दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेंगे तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि कई बार चोरी और लूटपाट जैसी घटनाओं में अपराधी चोरी का माल स्क्रैप बाजार में बेच देते हैं। बिना जांच-पड़ताल के सामान खरीदने वाले व्यापारी अनजाने में अपराधियों के सहयोगी बन जाते हैं। ऐसे में अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर खरीदार और विक्रेता का रिकॉर्ड पूरी तरह से सुरक्षित रहे और किसी भी तरह की संदिग्ध खरीद-फरोख्त की तुरंत जानकारी पुलिस तक पहुंचे।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिया कि सभी स्क्रैप कारोबारी अपने यहां क्रेता और विक्रेता का रजिस्टर तैयार करेंगे। इसमें हर सौदे की पूरी डिटेल लिखी जाएगी। इतना ही नहीं, प्रत्येक व्यक्ति की स्पष्ट तस्वीर रजिस्टर में चस्पा करना अनिवार्य होगा। इससे पुलिस को संदिग्धों की पहचान करने में आसानी होगी और अपराध पर सीधा अंकुश लगेगा। बैठक में कहा गया कि सभी दुकानों, गोदामों और स्क्रैप सामग्री रखने वाले स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। कैमरों में रिकॉर्डिंग और प्लेबैक की सुविधा होनी चाहिए, ताकि जरूरत पडऩे पर किसी भी सौदे की जांच की जा सके। कारोबारी कम से कम 30 दिन तक सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखेंगे। फुटेज मिटाने या छेड़छाड़ करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने जनता से भी अपील की कि यदि कहीं भी चोरी का सामान बेचे जाने, संदिग्ध स्क्रैप खरीद-फरोख्त या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
संदिग्ध पर होगी तुरंत रिपोर्ट
आलोक प्रियदर्शी ने कारोबारियों को निर्देशित किया कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति स्क्रैप बेचने या खरीदने आता है तो उसकी जानकारी तुरंत नजदीकी थाने को दी जाए। इससे अपराधियों की धरपकड़ में आसानी होगी। पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में चोरी या अवैध सामग्री की खरीद-फरोख्त को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों का सत्यापन भी अनिवार्य
पुलिस ने कारोबारियों से यह भी कहा कि वे अपने सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराएं। कर्मचारियों के पुराने कार्यस्थल से भी जानकारी जुटाई जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी कर्मचारी पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न रहा हो।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी साफ कर दिया गया कि अगर कोई कारोबारी इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह सख्ती अपराधियों के नेटवर्क को तोडऩे और शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
कानून व्यवस्था होगी और सुदृढ़
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्क्रैप कारोबार पर अंकुश लगाने से जिले में चोरी, लूट और अवैध व्यापार की घटनाओं में बड़ी कमी आएगी। इस कदम से गाजियाबाद में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी और अपराधियों के लिए यहां कोई जगह नहीं बचेगी।

गाजियाबाद पुलिस का लक्ष्य जिले में अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है। चोरी-लूट जैसे अपराधों में स्क्रैप बाजार का इस्तेमाल अपराधी अपने ठिकाने के तौर पर करते हैं। इसलिए अब हर स्क्रैप कारोबारी और डीलर को अपने क्रेता-विक्रेता का पूरा डाटाबेस रखना होगा। दुकानों और गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा और प्रत्येक फुटेज कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तुरंत पुलिस को दी जानी चाहिए। अगर कोई व्यापारी इन नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमारा उद्देश्य केवल व्यापार पर नियंत्रण करना नहीं, बल्कि अपराध पर अंकुश लगाना और गाजियाबाद की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
आलोक प्रियदर्शी
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (अपराध एवं कानून-व्यवस्था)
















