भाजपा ने राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भाजपा एकाएक आक्रामक हो गई है। भाजपा ने सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू करने की पुरजोर मांग की है। भाजपा कार्यकर्ताओं की आए दिन हत्या और प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर हमले की घटना के बाद यह मांग उठी है। भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी सरकार कानून व्यवस्था को कंट्रोल करने में नाकाम है। बेखौफ अपराधियों में कोई खौफ नहीं रह गया है। आए दिन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही हैं। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर वीरवार को हमला कर दिया गया था। हमले में घोष बाल-बाल बच गए थे। जबकि भाजपा विधायक की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी। भाजपा ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधान सभा चुनाव होने हैं। वहां विधान सभा की कुल 294 सीटें हैं। पिछले चुनावों में इस राज्य में भाजपा कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई है। पिछले विधान सभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सर्वाधिक 211, कांग्रेस को 44, लेफ्ट को 26 और भाजपा को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं। बंगाल में सत्ता पर काबिज होने के लिए 148 सीटें हासिल करना जरूरी है। अगले विधान सभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां भी तेज कर दी हैं। पार्टी को उम्मीद है कि आगामी चुनाव में वह पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होने में कामयाब हो जाएगी। इसके लिए बूथ स्तर पर भाजपा की मजबूती के लिए काम हो रहा है। उधर, राज्य में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर झड़प हो रही हैं। इससे भाजपा काफी नाराज है। पार्टी का आरोप है कि ममता सरकार सत्ता का दुरूपयोग कर गुंडों पर अंकुश नहीं लगा रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
















