चर्चा: एमएसपी पर कमेटी गठित करने का प्रस्ताव

केंद्रीय मंत्रियों की किसान प्रतिनिधियों से वार्ता

नई दिल्ली। किसान आंदोलन से निपटने के लिए सरकार ने लचीला रूख अपनाया है। इसी क्रम में मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्रियों ने 32 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के समक्ष एमएसपी पर भ्रम दूर करने को कमेटी गठित किए जाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि किसानों ने साफ कर दिया कि कोई निष्कर्ष निकलने तक आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोम प्रकाश ने विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। सरकार की तरफ से प्रस्ताव दिया गया कि एमएसपी को लेकर कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी एमएसपी संबंधित भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश करेगी। केंद्रीय मंत्रियों से वार्ता के बावजूद किसान आंदोलन टलता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढऩा तय हैं। नए कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलनरत हैं। विज्ञान भवन में मीटिंग से पहले दिल्ली में सिंधु बॉर्डर पर 32 किसान संगठनों की बैठक हुई थी। बैठक में सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। वहीं, किसानों के साथ वार्ता से पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर भी बैठक की गई थी। इस बैठक में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नरेंद्र सिंह तोमर व पीयूष गोयल आदि ने भाग लिया। इस बीच किसानों ने कहा है कि एमएसपी और मंडी के मुद्दे पर उन्हें लिखित गारंटी चाहिए। किसान संगठनों को आशंका है कि नया कानून धरातल पर आने के बाद एमएसपी धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी। एमएसपी हमेशा के लिए कायम रहे, इसके लिए किसान इस बात को कानून में शामिल कराना चाहते हैं। उधर, दिल्ली के सिंधु व टिकरी बॉर्डर के अलावा गाजियाबाद-गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है। तीनों स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। दिन-रात वहां सुरक्षा बल मुस्तैद हैं।