मांगे पूरी कराने के लिए ईश्वर से भी प्रार्थना
नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान नया-नया तरीका अपना कर विरोध दर्ज करा रहे हैं। किसानों ने अब दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर रामायण पाठ शुरू किया है। रामायण पाठ के जरिए वह अपनी मांगे जल्द से जल्द पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं। किसानों के इस धार्मिक कर्मकांड पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 17 दिनों से किसान आंदोलनरत हैं। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भी काफी संख्या में किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां डटे किसानों ने रामायण का पाठ कर अपनी मांगे जल्द से जल्द पूरी होने की प्रार्थना की है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार का ह्दय परिवर्तन जरूर होगा। तीनों कृषि कानून वापस ले लिए जाएंगे। उधर, नाराज किसानों ने शनिवार को हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर टोल प्लाजा को फ्री करा दिया। किसानों ने तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की पुरजोर मांग की। आंदोलन के 17वें दिन किसानों ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर टोल प्लाजा को फ्री करा दिया। उप्र के हापुड़ में भी किसान संगठनों के आह्वान पर तीनों टोल प्लाजा पर किसान नेताओं ने कब्जा कर लिया। तीनों टोल प्लाजा को फ्री करा दिया गया। टोल प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उधर, हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने भाजपा की मनोहर लाल खट्टर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसके चलते दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की मांगों से राजनाथ सिंह को अवगत कराया। वहीं, सरकार नए कृषि कानूनों को वापस लेने से साफ इंकार कर चुकी है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कह चुके हैं कि कृषि कानूनों में संशोधन संभव है, मगर इन्हें वापस लिया जाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा है कि किसानों की समस्याओं को सुनने और निपटारा करने को सरकार तैयार है।
















