प्रतिबंध के बाद भी कैसे बिक रहे एसिड
बैखोफ होकर घर में घुस कर युवती पर फेंका एसिड
गाजियाबाद। जिले में एसिड अटैक की घटना के बाद फिर एक बार इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि आखिर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन क्यों हो रहा है। बाजार में एसिड की खुली बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद कैसे लोगों को सहज एसिड उपलब्ध हो जा रहा है। सिस्टम चाहें जो भी दावा करे कि आदेश का अनुपालन हो रहा है पर जिस तरह एक के बाद एक लगातार घटनाएं हो रही हैं, सिस्टम के दावों में कोई दम नहीं दिख रहा है। एसिड अटैक की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पांच वर्ष पूर्व 2015 में पीडि़तों के लिए राहत भरा आदेश दिया था। जस्टिस मदन बी लोकुर की पीठ ने पीडि़तों के इलाज और सुविधाओं के लिए कई तरह के प्रावधान जारी किए थे। हमले के पीडि़तों की देखरेख-इलाज और अन्य सुविधाओं के लिए गाइड लाइन जारी की गई थी। महिला सुरक्षा के लिए भले ही योगी सरकार ने महिला हेल्पलाइन, महिला डेस्क की अस्थापना कर दी है। लेकिन प्रदेश में महिलाएं, बच्चिया सुक्षित नहीं है। ऐसा ही ताजा मामला गाजियाबाद से मामने आया है। दबंगों ने बैखोफ होकर युवती के घर में घुस कर तेजाब फेंक दिया। आनन -फानन में युवती को जिला अस्पताल में भी कराया गया। जहां पर उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं ममाले की जानकारी पुलिस को दी गई। तेजाब पडऩे से शरीर का आधे से ज्यादा भाग झुलस गया। घर में युवती की शादी की तैयारी चल रही थी।
मुरादनगर स्थित मलिक नगर में सलीम अपने परिवार सहित रहते हैं, वह कपड़े का व्यापार करते है। उनकी पांच पुत्री व पुत्र है। दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है। तीसरी पुत्री शीबा (23) का 12 फरवरी को विवाह होना है। शादी को लेकर ही घर में तैयारी चल रही थी। शुक्रवार रात में तीनो बहने उनकी मां कमरे में सोई हुई थी। अचानक वहां संदिग्ध युवक पहुंचा और शीबा के ऊपर तेजाब डाल दिया। उसकी चीख सुनकर उसकी बहने, मां पहले कुछ समझ नहीं पाई। लाइट जला कर देखा शीबा बुरी तरह से जली हुई तड़प रही थी। उन्होंने उसे अस्पताल ले जाने के लिए घर का गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। हमलावर जाते-जाते मकान का गेट बाहर से बंद कर गये थे। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और मकान का दरवाजा खोल वहां की हालत देख पुलिस को भी सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवती को उपचार के लिए मुरादनगर के अस्पताल में भर्ती कराया जहां से युवती को एमएमजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिसके बाद एमएमजी से युवती को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेफर किया गया। एसिड अटैक की सूचना से पुलिस-प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। वहीं इस मामले में एसपी ग्रामीण इराज राजा ने बताया कि युवती को सफदरगंज के अस्पताल से रेफर कर दिया गया। युवती का 10 फिसदी शरीर जला है। घटना में युवती के शरीर पर जिस ज्वलनशील पदार्थ से हमला किया गया है, उसकी जांच की जा रही है। ज्वलनशील पदार्थ तेजाब ही है की कोई और पदार्थ है। पीडि़ता की मां नफीसा ने थाने में अज्ञात हमलावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होने बताया परिजनों के अनुसार उनका किसी से कोर्ई विवाद नही चल रहा है और जिस कमरे में यह घटना हुई है। युवती अपनें घर के दुसरे मंजिल के कमरे में थी। रात में युवक कैसे ऊपर पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। घटना में किसी परिचित का हाथ है, जिसे पूरी जानकारी थी कि युवती कहा सोती है और कमरे में कौन-कौन था। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
















